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Ukraine Martial Law Extension: 90 दिन बढ़ा

Dainik R Times
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Ukraine Martial Law Extension के तहत देश की संसद ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया है। Verkhovna Rada ने Martial Law और सामान्य Mobilisation को 90 दिन के लिए और बढ़ा दिया है। दोनों विधेयक राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की ओर से पेश किए गए थे। मतदान के बाद अब नया कार्यकाल 29 जनवरी 2027 तक चलेगा।

Martial Law बढ़ाने वाले विधेयक के पक्ष में 293 सांसदों ने वोट दिया। यह विधेयक संख्या 16182 है। Mobilisation बढ़ाने वाले विधेयक के पक्ष में 281 सांसदों ने वोट दिया। यह विधेयक संख्या 16183 है। दोनों फैसले एक ही दिन संसद की बैठक में लिए गए।

दो विधेयकों पर अलग-अलग मतदान

बैठक में पहले Martial Law से जुड़ा विधेयक रखा गया। इसके बाद Mobilisation से जुड़े विधेयक पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के सचिव इहोर क्लिमेंको ने दोनों विधेयक पेश किए। उन्होंने कहा कि रूसी हमले का सामना करने के लिए यह बढ़ोतरी जरूरी है।

चर्चा के दौरान कुछ सांसदों ने सैनिकों की सेवा शर्तों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने वेतन बढ़ाने और Mobilisation को पारदर्शी बनाने की मांग की। हालांकि इन मांगों के बावजूद दोनों विधेयक पारित हो गए। एक और प्रस्ताव भी पारित हुआ। इसके तहत Rada के अध्यक्ष तुरंत इन विधेयकों पर हस्ताक्षर करके राष्ट्रपति को भेजेंगे।

31 अक्टूबर से लागू होगा नया कार्यकाल

वर्तमान Martial Law और Mobilisation 31 अक्टूबर 2026 की सुबह 5:30 बजे तक लागू हैं। नया कार्यकाल उसी समय से शुरू होगा। यानी 31 अक्टूबर से अगले 90 दिन तक दोनों व्यवस्थाएं जारी रहेंगी। इस दौरान सैन्य प्रशासन कर्फ्यू और जांच जैसी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकेगा।

Martial Law के तहत देश में चुनाव नहीं हो सकते हैं। इसलिए इस बढ़ोतरी का एक मतलब और भी है। अगले साल जनवरी से पहले कोई राष्ट्रपति या संसद चुनाव नहीं होगा। शांति वार्ता की चर्चा के बीच यह फैसला अहम माना जा रहा है। जेलेंस्की पहले कह चुके हैं कि सुरक्षा गारंटी मिलने तक Martial Law हटाना मुमकिन नहीं है।

युद्ध के बीच 21वीं बार बढ़ा Martial Law

यह Martial Law और Mobilisation की 21वीं बढ़ोतरी है। दोनों व्यवस्थाएं 24 फरवरी 2022 से लागू हैं। उसी दिन रूस ने Ukraine पर पूर्ण हमला शुरू किया था। तब से हर तीन महीने में संसद इन्हें बढ़ाती आ रही है।

इस बार की बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब युद्ध का चौथा साल चल रहा है। नवंबर की शुरुआत में शांति वार्ता की चर्चा भी हो रही है। फिर भी संसद ने रक्षा तैयारियों को प्राथमिकता दी है। Mobilisation जारी रखने से सेना को जवानों की भर्ती जारी रखने का कानूनी आधार मिलेगा।

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स्रोत: Ukrainska Pravda और Ukrinform की रिपोर्ट।

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