Gaza Shujayea Camp Fire में विस्थापितों का एक पूरा शिविर जलकर खाक हो गया है। Gaza के लोक निर्माण और आवास मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। उसके अनुसार रविवार रात करीब 8 बजे शुजैया चौराहे के पास शिविर में आग लगी। इसमें 200 से ज्यादा परिवारों के 800 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं।
मंत्रालय का कहना है कि इजरायली क्वाडकॉप्टर ड्रोन ने शिविर में आग लगाई। आग आधी रात के बाद तक जलती रही। विस्थापित परिवारों के तंबू और बचा हुआ सामान खाक हो गया।
महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित
बेघर हुए लोगों में ज्यादातर महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग बताए गए हैं। ये परिवार पहले ही अपने घर छोड़ चुके थे और इस शिविर में अस्थायी तौर पर रह रहे थे। आग लगने से उनमें भारी दहशत फैल गई और वे एक बार फिर बिना छत के हो गए।
मंत्रालय ने इस घटना को जबरन विस्थापन की नीति का हिस्सा बताया है। उसने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन करार दिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल की मांग की है। मंत्रालय ने बेघर परिवारों के लिए नए तंबू और जरूरी सामान की तत्काल मदद भी मांगी है।
इस बारे में इजरायल की ओर से कोई प्रतिक्रिया इन खबरों में दर्ज नहीं हुई है। इसलिए ड्रोन से आग लगाने का आरोप अभी Gaza मंत्रालय का बयान ही है।
चुनाव से पहले हमले तेज होने का आरोप
फिलिस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार को होने वाले इजरायली संसद के चुनाव से पहले Gaza में हमले तेज हो गए हैं। फिलिस्तीनी विदेश मंत्री ने शुक्रवार को कहा था कि फिलिस्तीनी खून चुनाव में जीत का हथियार बन गया है।
पिछले साल अक्टूबर में हुए युद्धविराम के बाद भी Gaza में हमले जारी हैं। Gaza के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार युद्धविराम के बाद से 1,551 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।
सोमवार को दक्षिणी Gaza के अल-मवासी इलाके में भी हमला हुआ। एक विस्थापित शिविर पर हवाई हमले में तीन लोगों की जान गई। इनमें एक सात साल की बच्ची भी शामिल है। नागरिक सुरक्षा के अनुसार पिछले 24 घंटों में 11 लोग मारे गए हैं। इजरायली गोलीबारी और हवाई हमलों में 50 लोग घायल हुए हैं।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब Gaza में पहले ही हजारों लोग विस्थापन झेल रहे हैं। बेघर परिवारों के सामने अब सर्दी और बारिश से पहले दोबारा छत का संकट खड़ा हो गया है।
