Bhopal BJP Congress Office Gherao के तहत सोमवार को भाजपा ने राजधानी में बड़ा प्रदर्शन किया। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता Red Cross Hospital Square पर जुटे। इसके बाद वे नारेबाजी करते हुए Congress Office की ओर बढ़े। यह प्रदर्शन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी के खिलाफ था।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने खरगे का पुतला भी जलाया। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि बुजुर्गों और पूज्य लोगों का अपमान किसी भी दल को नहीं करना चाहिए। उन्होंने खरगे और राहुल गांधी से अपने तरीके सुधारने को कहा।
Red Cross Square से Congress Office तक मार्च
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताया। उनका कहना था कि कांग्रेस नेतृत्व बार-बार अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर रहा है। इसलिए भाजपा सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज करा रही है।
विधायक भगवदास सबनानी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि Congress Office के पास जमा होने का मकसद खरगे की टिप्पणी का विरोध करना था। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की भाषा दोबारा बर्दाश्त नहीं होगी। जिला अध्यक्ष रविंद्र यति भी प्रदर्शन में मौजूद रहे।
बैरिकेड पर टकराव, हल्का Water Cannon
Congress Office के पास पुलिस ने पहले से बैरिकेड लगा रखे थे। कांग्रेस कार्यकर्ता भी अपने कार्यालय के बाहर मौजूद थे। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने की आशंका बन गई। इसलिए पुलिस ने भीड़ को अलग करने के लिए कार्रवाई की।
अपर पुलिस उपायुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि टकराव रोकने के लिए हल्का Water Cannon चलाया गया। उनका कहना था कि इसके बाद स्थिति शांत हो गई। पुलिस दोनों तरफ तैनात रही ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। इस दौरान किसी बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।
Kharge टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद रविवार को पटना में शुरू हुआ था। वहां बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान एक श्रोता ने खरगे को टोक दिया। जवाब में खरगे ने प्रधानमंत्री के पिता को लेकर टिप्पणी कर दी। इसके बाद भाजपा ने देशभर में विरोध की घोषणा की थी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी इस टिप्पणी की निंदा की है। उनका कहना है कि राजनीतिक मतभेद मर्यादा के दायरे में रहने चाहिए। सोमवार को Bhopal का प्रदर्शन इसी सिलसिले की एक कड़ी है। इससे पहले दिन में भाजपा ने दिल्ली सहित कई शहरों में भी प्रदर्शन किया था।
