तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी को चेन्नई पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। उन पर निजी स्कूलों से करीब 100 करोड़ रुपये वसूलने का आरोप है। यह गिरफ्तारी मद्रास हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के कुछ घंटे बाद हुई। केंद्रीय अपराध शाखा ने उन्हें चेन्नई के अमिंजिकरई स्थित एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया।
क्या है आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार निजी स्कूलों से मान्यता और दूसरी सरकारी मंजूरियों के नाम पर पैसा लिया गया। स्कूल प्रबंधनों से कहा गया कि उनकी लंबित अर्जियां मंजूर करा दी जाएंगी। इसके बदले में बड़ी रकम वसूली गई। जांच में 177 स्कूलों का नाम सामने आया है। पुलिस ने पूर्व मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया है। महेश ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती भी दी है।
कैसे शुरू हुई जांच
इस मामले की शुरुआत एक शिकायत से हुई। तमिलनाडु निजी स्कूल संघों के महासंघ के सचिव ने 23 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि एक अपंजीकृत संगठन के पदाधिकारियों ने स्कूलों से पैसा लिया। संगठन के संस्थापक को 27 जून को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 29 सितंबर को चेन्नई में पांच जगहों पर छापे मारे गए। इनमें पूर्व मंत्री से जुड़े ठिकाने भी शामिल थे। प्रवर्तन निदेशालय ने भी धन शोधन के एंगल से अलग मामला दर्ज किया है। इसलिए अब इस मामले की दो एजेंसियां जांच कर रही हैं।
स्टालिन की प्रतिक्रिया
गिरफ्तारी के बाद DMK प्रमुख एमके स्टालिन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि महेश जांच में पूरा सहयोग कर रहे थे। इसके बावजूद उन्हें गिरफ्तार किया गया। स्टालिन ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ सरकार कानून-व्यवस्था की खराब हालत से ध्यान हटाना चाहती है। इसलिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं पुलिस का कहना है कि डिजिटल उपकरणों और पूछताछ से मिले सबूतों के आधार पर कार्रवाई हुई है। महेश की FIR रद्द करने वाली याचिका पर 29 अक्टूबर को सुनवाई होनी है।
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स्रोत: NDTV
