भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन किया। दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ताओं ने खरगे के आवास के पास प्रदर्शन किया और उनसे माफी की मांग की। दिल्ली भाजपा के नेता और कार्यकर्ता सेना भवन सर्किल से खरगे के आवास की ओर मार्च करना चाहते थे। पुलिस ने उन्हें राजाजी मार्ग पर ही रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और खरगे का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने खरगे के साथ-साथ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी माफी की मांग की।
Patna के कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद रविवार को पटना में हुए एक कार्यक्रम से शुरू हुआ था। वहां बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में खरगे बोल रहे थे। उन्होंने कहा था कि चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ी करने वालों को कांग्रेस जेल भेजेगी। इसी दौरान श्रोताओं में से एक व्यक्ति ने कहा कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खरगे ने पलटकर कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” यह टिप्पणी सामने आते ही भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का अपमान बताया और देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया।
दोनों पक्षों की दलीलें
कांग्रेस ने खरगे का बचाव किया है। पार्टी के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा के अनुसार, पहले भाजपा कार्यकर्ता ने खरगे के पिता को लेकर टिप्पणी की थी। कांग्रेस का कहना है कि खरगे ने प्रधानमंत्री के वैचारिक पिता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर इशारा किया था। दूसरी ओर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बयान पर दुख और हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि नीतियों की आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन परिवार को निशाना बनाना मर्यादा के खिलाफ है। मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने भी इस भाषा को अक्षम्य बताया है।
शिकायत और आगे की स्थिति
भाजपा की ओर से खरगे के खिलाफ पुलिस शिकायत भी दी गई है। इसमें 24 घंटे के भीतर माफी की मांग की गई है। भाजपा ने राज्य मुख्यालयों पर प्रदर्शन का आह्वान पहले ही कर दिया था, और दिल्ली के अलावा पटना, रायपुर और लखनऊ में भी प्रदर्शन की खबरें आई हैं। इस पूरे विवाद में अब दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। कांग्रेस जहां इसे छेड़छाड़ का जवाब बता रही है, वहीं भाजपा इसे माफी मांगने लायक टिप्पणी मान रही है।
स्रोत: ETV Bharat (PTI) — संबंधित खबर:
