MP UDISE Dropout को लेकर मध्य प्रदेश में नया विवाद खड़ा हो गया है। UDISE+ पोर्टल से ड्रॉपआउट बच्चों की कुल संख्या दिखाने वाला हिस्सा हटा दिया गया है। यह कदम तब उठाया गया, जब पोर्टल के आंकड़ों पर सवाल उठे। 23 अक्टूबर 2026 की स्थिति में कक्षा एक से 12 तक के 10,07,804 छात्र ड्रॉपबॉक्स सूची में दर्ज थे।
यहां एक बात साफ समझनी जरूरी है। ड्रॉपबॉक्स में दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि ये सभी बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं। यह सूची उन छात्रों की है, जिनका पिछली कक्षा से नई कक्षा में रिकॉर्ड स्थानांतरण अब तक पूरा नहीं हुआ है। यानी इसमें डेटा एंट्री और मैपिंग का लंबित काम भी शामिल है। फिर भी 10 लाख से ज्यादा का आंकड़ा चिंता का कारण बना हुआ है।
MP UDISE Dropout: कक्षावार आंकड़े क्या कहते हैं?
कक्षा एक से पांच तक के 2,14,411 छात्र इस सूची में हैं। कक्षा छह से आठ तक के 1,84,417 और कक्षा नौ से 12 तक के 6,08,976 छात्र दर्ज हैं। यानी सबसे ज्यादा संख्या माध्यमिक और उच्च माध्यमिक कक्षाओं की है। इसके साथ 7,25,221 छात्रों का पिछली कक्षा से नई कक्षा में स्थानांतरण अब तक लंबित है।
पिछले सत्र में 1,29,74,618 छात्रों का रिकॉर्ड था। इस सत्र में अब तक 1,22,49,397 छात्रों का नामांकन दर्ज हुआ है। 16 अक्टूबर की रिपोर्ट में 8,56,503 छात्र लंबित बताए गए थे। विभाग ने 31 अगस्त तक शत-प्रतिशत नामांकन पूरा करने की समय-सीमा तय की थी। वह समय-सीमा बीत जाने के बाद भी काम अधूरा है।
MP UDISE पर विभाग ने क्या कदम उठाए हैं?
राज्य शिक्षा केंद्र ने कई जिलों के परियोजना समन्वयकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। उनसे धीमी प्रगति पर जवाब मांगा गया है। विभाग का कहना है कि स्कूलों को ड्रॉपबॉक्स में दर्ज हर छात्र की स्थिति जांचनी होगी। पात्र छात्रों का नाम सही स्कूल रिकॉर्ड में दर्ज करना होगा।
जानकारों का कहना है कि आंकड़ों की पारदर्शिता ही भरोसा बनाए रखती है। कुल संख्या हटाने से सवाल और बढ़ गए हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि विभाग लंबित रिकॉर्ड कितनी जल्दी पूरा करता है। अगले अपडेट में यह साफ होगा कि कितने छात्र सच में स्कूल से बाहर हैं।
अभिभावकों और स्कूलों के लिए संदेश साफ है। हर बच्चे का रिकॉर्ड समय पर अपडेट होना चाहिए। तभी यह पता चलेगा कि असली समस्या स्कूल छोड़ना है या सिर्फ कागजी देरी।
