Jamia Millia Islamia student union elections करीब 20 साल बाद फिर से होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुरुवार को इस बारे में लिखित आदेश जारी किया। आदेश में छात्र संघ के संविधान को मंजूरी देने की समय-सीमा तय की गई। इसके बाद छात्रों ने 18 दिन से चल रही भूख हड़ताल खत्म कर दी।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार Prof Mahtab Alam Rizvi ने यह आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया कि छात्र संघ का संविधान 15 May 2027 तक मंजूर और लागू होगा। इसके बाद नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के छह हफ्ते के भीतर चुनाव होंगे। चुनाव Lyngdoh Committee के दिशा-निर्देशों के अनुसार कराए जाएंगे।
नया शैक्षणिक सत्र जुलाई 2027 के मध्य में शुरू होने की उम्मीद है। इसलिए चुनाव अगस्त 2027 के आखिरी हफ्ते के आसपास हो सकते हैं। छात्रों ने इस समय-सीमा को अपनी जीत बताया है।
Jamia Millia Islamia student union elections की समय-सीमा
छात्रों की मांग थी कि संविधान और चुनाव के लिए पक्की तारीखें दी जाएं। पहले 26 October को जारी आदेश में पक्की तारीख नहीं थी। उस आदेश में कहा गया था कि चुनाव संविधान की मंजूरी के 15 दिन बाद होंगे। छात्रों ने इसे अधूरा मानकर आंदोलन जारी रखा था।
नए आदेश में 15 May 2027 की स्पष्ट समय-सीमा दी गई है। चुनाव की अवधि भी नए सत्र से जोड़कर तय की गई है। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार प्रशासन ने छात्रों से आंदोलन खत्म करने की अपील की। छात्रों ने आदेश स्वीकार करके भूख हड़ताल वापस ले ली।
आंदोलन 12 October को शुरू हुआ था। पांच छात्र भूख हड़ताल पर बैठे थे। Ebin Basil ने 18 दिन तक भूख हड़ताल की थी। Rehan Mewati 15 दिन से भूख हड़ताल पर थे। छात्रों का कहना था कि उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही थी। इसके बाद भी वे अपनी मांग पर अड़े रहे।
अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस ली गई
आदेश में कहा गया कि आंदोलन से जुड़ी सभी अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस ली जाएगी। Show-cause नोटिस, निलंबन, निष्कासन और परिसर में प्रवेश पर रोक भी वापस होगी। यह राहत आंदोलन में भाग लेने वाले छात्रों को मिलेगी।
छात्र संघ को 2006 में भंग कर दिया गया था। उसके बाद से विश्वविद्यालय में छात्र संघ के चुनाव नहीं हुए थे। गुरुवार को विश्वविद्यालय का 106वां स्थापना दिवस भी था। स्थापना दिवस का कार्यक्रम पहले ही रद्द कर दिया गया था।
Delhi में छात्रों की मांग पर फैसला
छात्रों ने मांग की थी कि संविधान दिसंबर तक तैयार हो। हालांकि प्रशासन ने मई 2027 तक की समय-सीमा दी है। अब वे संविधान की प्रक्रिया में भाग लेना चाहते हैं।
Delhi से जुड़ी एक और बड़ी खबर में Supreme Court ने मतदाता सूची पर सवाल उठाए थे। Jamia के मामले में भी छात्रों की मांग पर लिखित आदेश जारी हुआ है। दोनों मामलों में समय-सीमा तय करना अहम रहा है। Jamia में अब चुनाव की तैयारी धीरे-धीरे शुरू होगी।
