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Delhi SIR: Supreme Court ने EC से पूछा, Form 6 क्यों?

Dainik R Times
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Delhi SIR को लेकर Supreme Court ने बुधवार को चुनाव आयोग से कड़े सवाल पूछे हैं। अदालत ने पूछा कि आयोग ने मतदाता सूची से नाम हटाते समय क्या सोच-विचार किया था। मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई की।

मामला दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का है। 31 अगस्त को जारी मसौदा सूची में 1.45 करोड़ मतदाताओं में से करीब 47.56 लाख नाम शामिल नहीं थे। इन लोगों को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरा मतदाता बताया गया था। दावे और आपत्तियों की खिड़की 30 सितंबर को बंद होनी थी, लेकिन इसे बढ़ाकर 30 अक्टूबर कर दिया गया था।

चुनाव आयोग ने अदालत को भरोसा दिया है कि 30 अक्टूबर की समयसीमा बढ़ाई जाएगी। आयोग ने कहा कि वह देर से मिले गणना फॉर्म पर भी विचार करेगा। अदालत ने आयोग से दो हफ्ते में जवाब देने को कहा है।

Delhi SIR: Form 6 पर अदालत के सवाल

अदालत ने पूछा कि हटाए गए मतदाताओं को Form 6 भरने को क्यों कहा जा रहा है। Form 6 पहली बार मतदाता बनने वालों के लिए होता है। लेकिन ये लोग 2026 की मतदाता सूची में पहले से दर्ज थे। इसलिए अदालत ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाया।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि पता बदलने वाले मतदाता Form 8 भर सकते हैं। उन्होंने Vasant Kunj से Sarita Vihar जाने वाले मतदाता का उदाहरण दिया। ऐसे मतदाता अपना पुराना बूथ नंबर और मतदाता नंबर बता सकते हैं। इसलिए उन्हें नए मतदाता की तरह Form 6 भरने की जरूरत नहीं है।

न्यायाधीश Joymalya Bagchi ने कहा कि वोट का अधिकार बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पूछा कि क्या गणना फॉर्म देर से भरने पर कोई हमेशा के लिए वोट का अधिकार खो देगा। अदालत ने कहा कि अस्थायी रूप से बाहर गए लोग भी फॉर्म जमा कर सकें, इसका रास्ता बनना चाहिए।

43 लाख मतदाताओं तक पहुंचने का सुझाव

याचिका Anjali Bhardwaj और Amrita Johri ने दायर की थी। उनकी ओर से वकील Prashant Bhushan ने दलीलें दीं। उन्होंने कहा कि करीब 43 लाख मतदाताओं को स्थायी रूप से स्थानांतरित या अनुपस्थित बताया गया है। इनमें से 31.59 लाख को स्थायी रूप से स्थानांतरित और 11 लाख को पता न चलने वाला बताया गया है।

अदालत ने अभी “तार्किक विसंगति” को नाम हटाने का आधार मानने की वैधता पर फैसला नहीं किया है। अदालत ने कहा कि Bihar SIR के फैसले ने इस मुद्दे को अंतिम रूप से तय नहीं किया था। इसलिए इस मुद्दे पर बाद में विस्तार से विचार होगा।

आंकड़ों के अनुसार, 26 अक्टूबर तक 33.14 लाख नोटिस में से 31.26 लाख का निपटारा हो चुका था। आयोग को 2.67 लाख Form 6, 20,074 Form 7 और 1.01 लाख Form 8 मिले थे। अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर को जारी होगी। Karnataka में SIR की अंतिम सूची से 99.32 लाख नाम हटे थे।

मुख्य न्यायाधीश ने सुझाव दिया कि आयोग 43 लाख लोगों की सूची जारी करे। लोग नजदीकी BLO से संपर्क कर Form 8 भर सकेंगे।

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