Manipur Noney जिले में शनिवार सुबह गोलीबारी में तीन कुकी युवकों की मौत हो गई। यह घटना केकरू नागा गांव के पास हुई। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के बीच कई घंटों तक गोलीबारी चलती रही। मारे गए तीनों युवक चुराचांदपुर जिले के रहने वाले थे।
Manipur Noney में क्या हुआ
पुलिस ने बताया कि गोलीबारी शनिवार सुबह करीब नौ बजे शुरू हुई। यह इलाका नुंगबा थाना क्षेत्र में आता है। यहां 29 अक्टूबर से छिटपुट गोलीबारी की खबरें आ रही थीं। हालांकि शनिवार की घटना में पहली बार मौतें हुईं।
मारे गए युवकों की पहचान थांगलेंसांग सिंगसन, थांगखोसेई हाओकिप और लम्मिनसांग किपगेन के रूप में हुई है। कुकी इंपि मणिपुर ने कहा कि तीनों गांव के स्वयंसेवक थे। संगठन ने आरोप लगाया कि एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ (के) के कार्यकर्ताओं ने हमला किया। हालांकि पुलिस ने अभी हमलावरों की पहचान की पुष्टि नहीं की है।
पुलिस ने मौके से चार स्वचालित राइफलें, एक देसी बंदूक, एक ड्रोन, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए हैं। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
इंफाल में हजारों लोगों की रैली
इसी दिन इंफाल में हजारों लोगों ने रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने कुकी-जो सशस्त्र समूहों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन समझौता रद्द करने की मांग की। यह समझौता 2008 में केंद्र, राज्य सरकार और कुकी समूहों के बीच हुआ था। यह समझौता चार सितंबर को समाप्त हो गया था। इसके बाद इसका नवीनीकरण नहीं हुआ।
रैली में मैतेई संगठनों के साथ नागा संगठनों के लोग भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि समझौते के कारण हथियारबंद समूहों की गतिविधियां बढ़ रही हैं।
फरवरी से अब तक 66 मौतें
रिपोर्टों के अनुसार फरवरी से अब तक नागा और कुकी समूहों के बीच झड़पें जारी हैं। इन झड़पों में अब तक 66 लोगों की मौत हो चुकी है। 19 अक्टूबर को सनालोक की घटना में मारे गए लोगों की संख्या भी बढ़कर चार हो गई है। एक घायल लकड़हारे ने शनिवार सुबह अस्पताल में दम तोड़ दिया।
मणिपुर में हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। 19 अक्टूबर को भी तीन लोगों की हत्या के बाद शव मुख्यमंत्री आवास के बाहर रखे गए थे। पुलिस का कहना है कि हालात पर नजर रखी जा रही है।
