मध्य प्रदेश में BKS Meeting के दौरान भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। संघ ने किसानों की सात सूत्री मांगें रखीं। मुख्यमंत्री ने दिन में 10 घंटे बिजली देने का वादा पूरा करने का आश्वासन दिया। डिफाल्टर किसानों की ब्याज माफी पर विचार चल रहा है। हालांकि किसी जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की घोषणा नहीं हुई है।
BKS Meeting: क्या-क्या मांगें रखी गईं
संघ ने 13 अक्टूबर को सरकार को सात सूत्री मांग पत्र सौंपा था। पहली मांग दिन में 10 घंटे लगातार बिजली देने की है। दूसरी मांग डिफाल्टर किसानों का ब्याज माफ करने की है। कमल नाथ सरकार के कर्जमाफी के बाद कई किसान सहकारी समितियों के डिफाल्टर हो गए थे। तीसरी मांग मंडियों में 10 टन के तौल कांटे लगाने की है। ए और बी श्रेणी की मंडियों में यह सुविधा मांगी गई है। चौथी मांग खाद की आपूर्ति को लेकर है। कम बारिश वाले जिलों में खाद की जरूरत कम होगी। इसलिए आपूर्ति उन जिलों में बढ़ाई जाए, जहां बारिश ठीक रही है।
मुख्यमंत्री ने क्या आश्वासन दिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 घंटे बिजली देने का वादा पूरा किया जाएगा। डिफाल्टर किसानों को मुख्यधारा में जोड़ने पर विचार चल रहा है। 31 मंडियों में 10 टन के तौल कांटे पहले से लगे हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को सिवनी में कहा था कि किसानों को 10 घंटे बिजली दी जा रही है। धान उपार्जन के पंजीयन की तारीख 4 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। 4 नवंबर से धान उपार्जन शुरू हो रहा है। हालांकि बिजली कंपनियों का कहना है कि नेटवर्क की क्षमता अभी सीमित है। कंपनियों के मुताबिक दिन में सिर्फ 4 से 6 घंटे बिजली दी जा पा रही है। नईदुनिया की रिपोर्ट के मुताबिक बैठक मंगलवार रात हुई थी।
सूखे पर फैसला क्यों नहीं हुआ
संघ ने कम बारिश वाले जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की थी। हालांकि बैठक के बाद इस पर कोई अंतिम आदेश सामने नहीं आया है। सरकार ने कहा है कि आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही फैसला होगा। इसलिए किसानों को सूखे की घोषणा का इंतजार करना होगा। इस बीच दीवाली से पहले भोपाल में सफाई व्यवस्था पर भी संकट है। सफाईकर्मियों ने हड़ताल की चेतावनी दी है। राज्य में 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।
