मध्यप्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल के मंत्रालय में बैठक हुई। इसमें 23,228 करोड़ रुपये की योजनाओं की निरंतरता को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी MSME मंत्री चैतन्य कश्यप ने मीडिया को दी। बैठक दिवाली से पहले हुई, इसलिए इसमें स्वदेशी सामान अपनाने पर भी जोर दिया गया।
MP Cabinet: 23,228 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने 2031 तक चलने वाली योजनाओं के लिए 23,228 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है। इसमें मुख्यमंत्री अधोसंरचना निर्माण योजना भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के नए अस्पतालों के लिए 610 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जल संसाधन विभाग की चार सिंचाई परियोजनाओं को भी निरंतरता दी गई है। इनमें पन्ना और विदिशा जिले की लटेरी परियोजना शामिल हैं। मऊगंज-सीधी-सिंगरौली इलाके में भी सिंचाई सुविधा बढ़ाई जाएगी।
4 नवंबर से धान उपार्जन, पंजीयन की तारीख भी बढ़ी
किसानों के लिए कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। 4 नवंबर से प्रदेश में धान का उपार्जन शुरू होगा। धान उपार्जन के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख भी 4 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। इससे वे किसान भी पंजीयन करा सकेंगे, जो अब तक छूट गए थे। बैठक में नीलगाय से फसलों को नुकसान का मुद्दा भी उठा। सरकार ने अफ्रीका से विशेषज्ञ बुलाकर बोमा पद्धति से 2 हजार हिरण और नीलगाय पकड़े हैं। इन्हें विभिन्न अभयारण्यों में छोड़ा गया है।
अगली कैबिनेट 18 नवंबर को गांधी सागर में
मुख्यमंत्री ने बताया कि अगली कैबिनेट बैठक 18 नवंबर को गांधी सागर में होगी। यह डेस्टिनेशन कैबिनेट के रूप में आयोजित की जाएगी। इससे पहले राजबाड़ा और जगदीशपुर में भी ऐसी बैठकें हो चुकी हैं। कैबिनेट ने इंदौर में 15 नए सैटेलाइट टाउन विकसित करने की घोषणा भी की है। इसके साथ ही 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती प्रदेश में तीन स्थानों पर मनाई जाएगी। इंदौर में इस दौरान RSS की महाबैठक भी चल रही है। भोपाल में 600 घरों पर बुलडोजर चलाने का नोटिस पहले से जारी है।
