भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। Bhopal Retired IAS Murder के मुख्य आरोपी वरुण कुमार को आगरा से गिरफ्तार कर लिया गया है। भोपाल लाते समय उसने भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस के साथ हुई झड़प में उसके पैर में गोली लग गई। आरोपी को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अब उससे हत्या के पीछे की वजह पूछेगी।
आगरा से गिरफ्तारी, भोपाल में एनकाउंटर
पुलिस के मुताबिक वरुण कुमार करीब एक महीने से फरार था। सोमवार शाम को उसे आगरा में पकड़ा गया। इसके बाद पुलिस टीम उसे सड़क मार्ग से भोपाल ला रही थी। मंगलवार सुबह करीब पौने पाँच बजे मुगलिया छाप गाँव के पास गाड़ी रुकी। आरोपी ने पेशाब करने के बहाने उतरने की बात कही। इसी दौरान उसने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनने की कोशिश की। छीना-झपटी में गोली चल गई और वह उसके पैर में लगी। पुलिस ने उसे तुरंत काबू में ले लिया।
30 सितंबर को हुई थी हत्या
राकेश अग्रवाल 1982 बैच के आईएएस अधिकारी थे। उनका शव 30 सितंबर की रात भोपाल के सूरज नगर स्थित फार्महाउस में मिला था। उनका गला धारदार हथियार से काटा गया था। मामला रातीबड़ थाना क्षेत्र का है। हत्या के बाद से वरुण कुमार फरार था। वह अधिकारी के घर में केयरटेकर के रूप में काम करता था। पुलिस ने उसके खिलाफ कई राज्यों में छापे मारे। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए।
एसआईटी की जाँच और इनाम
भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने मामले की जाँच के लिए विशेष जाँच दल बनाया था। दल की कमान एआईजी उमेश तिवारी को सौंपी गई थी। आरोपी की सूचना देने पर 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी हुई थी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ से हत्या की वजह सामने आएगी। लूट की आशंका पर भी जाँच होगी। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था। इसलिए पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस गिरफ्तारी से मामले की जाँच को नई दिशा मिली है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि आरोपी एक महीने तक कहाँ छिपा रहा। क्या उसे किसी ने मदद दी थी। इन सवालों के जवाब पूछताछ के बाद सामने आएँगे। भोपाल में 600 घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई भी चर्चा में रही। देवास में शराब माफिया के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है।
