Dewas Encounter मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी को भी गोली मार दी है। ट्रक के क्लीनर धीरज को देवास के भोपाल बायपास के पास गोली लगी है। पुलिस के मुताबिक धीरज हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था। जवाबी कार्रवाई में गोली उसके दाहिने पैर में लगी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे इंदौर रेफर कर दिया गया है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों आरोपियों को अलग-अलग जगहों पर भागने की कोशिश के दौरान गोली लगी।
दूसरा एनकाउंटर कैसे हुआ
पुलिस धीरज को देवास ला रही थी। बैंक नोट प्रेस थाना क्षेत्र में उसने भागने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक उसने हथियार छीनने का भी प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। गोली लगते ही धीरज जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत उसे घेरकर दबोच लिया। देवास के सीएसपी सुमित अग्रवाल ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
ड्राइवर अक्कू का एनकाउंटर
इससे पहले मुख्य आरोपी ड्राइवर अक्कू का एनकाउंटर हो चुका है। SIT की टीम अक्कू को आलीराजपुर से खातेगांव ले जा रही थी। राजोदा और बरोठा के बीच पुलिस वाहन का टायर पंचर हो गया। इसी दौरान अक्कू ने एएसआई की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली। उसने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। जवाबी फायरिंग में गोली उसके दाहिने पैर में लगी। इलाज के बाद अक्कू को भी इंदौर रेफर किया गया है।
Dewas Encounter: 48 घंटे में दोनों आरोपी पकड़े गए
पुलिस ने दोनों आरोपियों को 48 घंटे के भीतर पकड़ लिया है। दोनों को आलीराजपुर जिले से गिरफ्तार किया गया था। धीरज ट्रक में क्लीनर का काम करता था। TI दिलीप पुरी को अवैध शराब से भरे ट्रक ने कुचल दिया था। यह घटना 1 और 2 नवंबर की रात खातेगांव में हुई थी।
मामले की जांच SIT कर रही है। स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन के नेतृत्व में टीम काम कर रही है। पुलिस शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। ट्रक में भरी अवैध शराब कहां से आई, यह भी पता लगाया जा रहा है। मास्टरमाइंड राहुल जायसवाल हिरासत में है। केरम सिंह चंगोड़ और विजय राव भी गिरफ्तार हो चुके हैं। अदालत ने तीनों को 10 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है। सरकार ने शहीद TI के परिवार को एक करोड़ रुपये की मदद का ऐलान किया है। शहीद TI की पत्नी को SI की नौकरी भी दी जाएगी।
