Mahadev App के को-फाउंडर Ravi Uppal Dubai में हिरासत में लिए गए हैं। दुबई के अधिकारियों ने 46 साल के उप्पल को अस्थायी रूप से हिरासत में लिया है। भारत ने उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) उन्हें जल्द भारत लाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि यूएई ने अभी तक इस गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना भारत को नहीं दी है। भारतीय एजेंसियों को यह जानकारी अनौपचारिक स्रोतों से मिली है।
Ravi Uppal Dubai में कैसे पकड़े गए
उप्पल के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस अक्टूबर 2023 में जारी हुआ था। इसके बाद दिसंबर 2023 में दुबई पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। हालांकि 45 दिन बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था। इसके बाद वह दुबई से लापता हो गए थे। नवंबर 2025 में ED को जानकारी मिली कि वह यूएई में नहीं मिल रहे हैं। बाद में पता चला कि उन्होंने वानुअतु की नागरिकता ले ली है। वानुअतु का भारत के साथ कोई प्रत्यर्पण समझौता नहीं है।
इस साल जनवरी में ED ने इंटरपोल के सामने उप्पल की अपील का विरोध किया था। उप्पल ने अपना नाम रेड नोटिस से हटाने की मांग की थी। हालांकि ED के विरोध के बाद उनका नाम नोटिस से नहीं हटा। सुप्रीम कोर्ट ने भी ED को उप्पल का पता लगाने का निर्देश दिया था। जनवरी 2026 में उनसे जुड़ी करीब 21 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी।
6000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप
ED का आरोप है कि उप्पल करीब 6,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं। एजेंसी के अनुसार उन्होंने हवाला नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये इधर-उधर किए। उनका छत्तीसगढ़ के नेताओं और अधिकारियों से संपर्क होने का भी आरोप है। उप्पल और सौरभ चंद्राकर दोनों छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले हैं। ED के अनुसार महादेव नेटवर्क का कारोबार 88,000 से 94,000 करोड़ रुपये तक पहुंचा था। एजेंसी का दावा है कि 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये भारत से बाहर भेजे गए।
चंद्राकर के प्रत्यर्पण के बाद बड़ी सफलता
उप्पल की हिरासत से कुछ दिन पहले ही उनके साथी सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया था। सीबीआई की टीम ने रविवार को उन्हें मस्कट से भारत पहुंचाया था। चंद्राकर को रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने उन्हें 12 नवंबर तक आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों के भारत में होने से पूरे मामले की परतें खुल सकती हैं।
फिलहाल दुबई में कानूनी प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा होने के बाद ही उप्पल को भारत लाया जा सकेगा। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय एजेंसियां इस मामले में यूएई के अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं।
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