Delhi AQI तीसरे दिन भी गंभीर श्रेणी में बना रहा। राजधानी का 24 घंटे का औसत AQI 369 दर्ज किया गया। दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से 20 पर हवा गंभीर श्रेणी में रही। Jahangirpuri और Punjabi Bagh में AQI 447 दर्ज हुआ, जो दिल्ली में सबसे ज्यादा रहा। इसके साथ ही 33 केंद्रों पर हवा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई।
Delhi के 20 स्टेशनों पर Severe श्रेणी
IIT Delhi के पास AQI 438 दर्ज किया गया। Rohini में 433, DTU में 432 और Vivek Vihar में 428 AQI रहा। Mundka में 436 और Alipur में 419 AQI दर्ज हुआ। Narela में 418 और Bawana में 408 AQI रहा। Decision Support System के आंकड़ों के अनुसार, वाहनों से निकलने वाले धुएं की हिस्सेदारी 15.8 प्रतिशत रही। पराली जलाने की हिस्सेदारी 15.3 प्रतिशत दर्ज की गई।
Bikaner देश में सबसे प्रदूषित
उत्तर भारत के कई शहरों में दिल्ली से भी खराब हवा दर्ज की गई। Navbharat Times के रियल-टाइम आंकड़ों के अनुसार, Bikaner में सुबह 6:45 बजे AQI 1,357 दर्ज हुआ। Bathinda 883 के साथ दूसरे स्थान पर रहा। Karnal में 850, Ghaziabad में 840 और Sonipat में 822 AQI दर्ज किया गया। Meerut में 812, Panipat में 804 और Hapur में 786 AQI रहा। Kaithal में 769 AQI दर्ज हुआ, जबकि रियल-टाइम आंकड़ों में दिल्ली 630 के साथ 10वें स्थान पर रही। ये आंकड़े रियल-टाइम मॉनिटरिंग के हैं, CPCB के आधिकारिक औसत से अलग हो सकते हैं।
Delhi AQI पर GRAP Stage II की पाबंदियां
दिल्ली-NCR में 2 नवंबर से GRAP Stage II लागू है। CAQM ने दिल्ली का AQI बहुत खराब श्रेणी में आने के बाद यह फैसला लिया था। दिल्ली का AQI 31 अक्टूबर को 117 था, जो 1 नवंबर को 261 और 2 नवंबर को 324 हो गया। GRAP Stage II के तहत धूल और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर पाबंदियां लगाई गई हैं। ABP Live की रिपोर्ट के अनुसार, 6 नवंबर तक हवा में कोई बड़ा सुधार नहीं दिख रहा है।
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