Bengaluru mass murder के मामले में पुलिस ने कैब ड्राइवर इंदुशेखर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उसने अपनी पत्नी समेत परिवार के 7 लोगों की जान ले ली। इस घटना का खुलासा शुक्रवार 6 नवंबर को हुआ, जब पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी को हिरासत में लिया। पुलिस ने अब तक सात साल के बच्चे पुनीत का शव बरामद किया है। बाकी 6 शवों की तलाश नंदी हिल्स के आसपास जारी है।
कौन थे 7 लोग
मृतकों में आरोपी की पत्नी सुनीता, सास रूपावती और दो साले शिवकुमार व शंकर शामिल हैं। शिवकुमार की पत्नी दिव्या और शंकर की पत्नी नलिनी की भी जान गई है। शिवकुमार के सात साल के बेटे पुनीत की भी जान गई है। आरोपी इंदुशेखर 52 साल का है और बेंगलुरु के राजाजीनगर में रहता है। वह पिछले करीब 20 साल से सुनीता से विवाहित था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चक्की के पत्थर से हमला किया था।
लापता शिकायत से खुला मामला
दिव्या और नलिनी की माताओं ने 3 नवंबर को श्रीरामपुरा थाने में लापता शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस ने इंदुशेखर से पूछताछ की, तो उसके बयानों में विरोधाभास मिला। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर 7 लोगों की जान लेने की बात कबूल कर ली। आरोपी को लेकर पुलिस नंदी हिल्स की तलहटी में गई, जहाँ पुनीत का शव मिला। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, बाकी शव अलग-अलग जगहों पर फेंके गए थे। उत्तर बेंगलुरु के डीसीपी ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के लिए पुलिस ने तीन टीमें बनाई हैं। गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने कहा कि यह सुनियोजित वारदात लगती है।
आरोपी का दावा और जांच की दिशा
आरोपी ने पुलिस को बताया कि करीब 20 साल से उसे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी। हालांकि पुलिस इस दावे को जांच के दायरे में ही रख रही है। कुछ रिपोर्टों में घटनाओं का समय 10 से 20 दिन के बीच बताया गया है। इसीलिए पुलिस अब हर शव की बरामदगी के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होने की बात कह रही है। झारखंड के खूंटी में ट्रक हादसा भी इसी हफ्ते सुर्खियों में रहा था। चावरी बाजार में इमारत गिरने की घटना में भी पुलिस ने ठेकेदारों को गिरफ्तार किया था।
