भारतीय तेज गेंदबाज Mohammed Shami ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। Mohammed Shami Test Retirement की घोषणा उन्होंने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर की। शमी ने ठीक 13 साल पहले इसी दिन टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। वे सफेद गेंद की क्रिकेट खेलते रहेंगे।
शमी ने अपने संदेश में कहा कि भारी मन से यह फैसला ले रहे हैं। उन्होंने लिखा कि टेस्ट क्रिकेट ने उनकी पहचान बनाई है। साथ ही उन्होंने साथी खिलाड़ियों, कोचों और करोड़ों प्रशंसकों का आभार जताया। शमी ने कहा कि लाल गेंद से जुड़ी यादें हमेशा साथ रहेंगी।
Mohammed Shami Test Retirement: 229 विकेटों का शानदार सफर
शमी ने 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लिए। उनका औसत 27.71 रहा और छह बार उन्होंने पारी में पांच विकेट लिए। वे भारत के छठे सबसे सफल तेज गेंदबाज बने। उनसे आगे सिर्फ कपिल देव, जहीर खान, इशांत शर्मा, जवागल श्रीनाथ और जसप्रीत बुमराह हैं।
शमी ने 6 नवंबर 2013 को वेस्टइंडीज के खिलाफ ईडन गार्डन्स में टेस्ट पदार्पण किया था। उन्हें टेस्ट कैप नंबर 279 इशांत शर्मा ने सौंपी थी। दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड में उन्होंने 35 टेस्ट में 131 विकेट लिए। इन देशों में उनका औसत 25 से भी कम रहा।
आखिरी टेस्ट और आगे की योजना
शमी का आखिरी टेस्ट जून 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियंसशिप फाइनल था। यह मैच लंदन के ओवल मैदान पर खेला गया था। इसके बाद वे टेस्ट टीम से बाहर हो गए थे। 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से वे भारतीय टीम में नहीं खेले हैं।
शमी ने साफ किया है कि वे वनडे और टी20 क्रिकेट खेलते रहेंगे। फिट रहने पर वे घरेलू चार दिवसीय क्रिकेट भी खेलेंगे। इस समय वे बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी खेल रहे हैं। इस सत्र में तीन मैचों में उन्होंने 14 विकेट लिए हैं।
Deccan Herald की रिपोर्ट के अनुसार, शमी IPL में भी खेलते रहेंगे। IPL 2026 में शमी ने पहले ही गेंद पर विकेट लेकर अपनी धार दिखाई थी। भारतीय टीम ने इसी हफ्ते SAFF में पाकिस्तान को 3-2 से हराया था। शमी के संन्यास से भारतीय तेज गेंदबाजी के एक युग का अंत हो गया है। हालांकि बुमराह और सिराज जैसे गेंदबाज टीम की धुरी बने हुए हैं।
