100 साल पुराना Ahilya Paltan Government School बदहाल, नई बिल्डिंग का इंतजार
इंदौर का Ahilya Paltan Government School 100 साल पुरानी जर्जर इमारत में चल रहा है। नई बिल्डिंग करीब 8 साल से निर्माणाधीन है।
हालांकि, नई इमारत में अभी जरूरी सुविधाएं पूरी नहीं हुई हैं। इसके कारण स्कूल प्रशासन को पुरानी बिल्डिंग में ही पढ़ाई जारी रखनी पड़ रही है।
स्कूल की प्रभारी एचएम जीवलता मंडलोई के मुताबिक, स्कूल में पर्याप्त शिक्षक मौजूद हैं। इसके बावजूद जर्जर भवन देखकर अभिभावक बच्चों का दाखिला कराने से कतराते हैं।
Ahilya Paltan Government School की पुरानी इमारत बनी परेशानी
वहीं, स्कूल की पुरानी इमारत करीब 100 साल पुरानी है। लंबे समय से देखरेख नहीं होने के कारण भवन की स्थिति खराब हो गई है।
बारिश के मौसम में समस्या और बढ़ने की आशंका है। पुराने परिसर में पानी और जर्जर भवन के कारण पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा, घटती छात्र संख्या भी स्कूल प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। पर्याप्त शिक्षक होने के बावजूद नए दाखिलों में कमी देखी जा रही है।
स्कूल प्रशासन का कहना है कि बेहतर भवन मिलने से अभिभावकों का भरोसा बढ़ सकता है। इससे स्कूल में बच्चों की संख्या भी बढ़ने की उम्मीद है।
Ahilya Paltan Government School की नई बिल्डिंग 8 साल से अधूरी
इसके बाद नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। स्कूल प्रशासन के अनुसार, यह काम कोरोना काल से पहले से चल रहा है।
पिछले वर्ष भी निर्माण कार्य आगे बढ़ा। हालांकि, ड्रेनेज चैंबर, पानी की पाइपलाइन और शौचालय जैसी सुविधाएं पूरी नहीं हो सकीं।
इसी वजह से नई बिल्डिंग अब तक स्कूल प्रशासन को हैंडओवर नहीं हुई है। मूलभूत काम पूरे होने के बाद ही स्कूल को वहां शिफ्ट किया जा सकेगा।
बारिश से पहले शिफ्टिंग की उम्मीद
इसी दौरान बारिश का मौसम शुरू होने से स्कूल प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। पुराने परिसर में बच्चों की कक्षाएं संचालित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
प्रभारी एचएम जीवलता मंडलोई का कहना है कि प्रशासन जल्द बुनियादी काम पूरे करवाना चाहता है। इसके बाद बच्चों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया जा सकेगा।
नई बिल्डिंग मिलने से क्या बदलेगा?
फिलहाल, स्कूल की सबसे बड़ी समस्या पुरानी इमारत और नई बिल्डिंग के बीच अटकी प्रक्रिया है। नई बिल्डिंग मिलने से छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।
साथ ही, अभिभावकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है। इससे स्कूल में दाखिले और छात्र संख्या में सुधार हो सकता है।
स्कूल प्रशासन का प्रयास है कि जरूरी सुविधाएं जल्द पूरी हों। इसके बाद नई इमारत को स्कूल के उपयोग में लाया जा सकेगा।

