आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। पिनाकोटा गांव के पास सड़क निर्माण स्थल पर आग लगने से 5 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब मजदूर डीजल भरने का काम कर रहे थे। पुलिस ने इसे दुर्घटनावश लगी आग बताया है, न कि कोई विस्फोट।
जिले के पुलिस अधीक्षक अमित बरदार ने बताया कि यह घटना अनंतगिरि मंडल के पिनाकोटा गांव में सुबह करीब साढ़े आठ बजे हुई। निर्माण स्थल दूर-दराज के इलाके में है। वहां से पेट्रोल पंप करीब 100 किलोमीटर दूर है। इसलिए मजदूर ड्रमों में डीजल लाकर वाहनों में भरते हैं। इसी दौरान चिंगारी से आग भड़क गई।
तीन वाहन पूरी तरह जल गए
आग पहले एक पिकअप वाहन में लगी। इसके बाद वह तेजी से फैल गई। पास खड़े एक छोटे डंपर ट्रक और एक दोपहिया वाहन तक भी आग पहुंच गई। तीनों वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए। हादसे में 5 लोगों की जान चली गई। एक शव वाहन के अंदर मिला, जबकि अन्य शव आसपास मिले।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अब तक 5 मौतों की पुष्टि हो पाई है। उन्होंने साफ किया कि यह विस्फोट नहीं था। हालांकि, आग के बाद तेज धमाके जैसी आवाज भी सुनाई दी थी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है और जांच शुरू कर दी गई है। दूसरी टीम भी जांच के लिए भेजी जा रही है।
मृतकों की पहचान अभी बाकी
अभी तक मृतकों की पहचान आधिकारिक रूप से नहीं हो पाई है। यह भी साफ नहीं है कि मरने वाले निर्माण मजदूर थे या वहां से गुजर रहे लोग। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हादसे के समय मौके पर कितने लोग मौजूद थे।
जानकारी के अनुसार, आग की चपेट में आए वाहन सड़क निर्माण का काम कर रहे ठेकेदार के थे। डीजल भरने के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। इसी लापरवाही को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।
यह घटना दूर-दराज के निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करती है। जहां ईंधन का भंडारण और परिवहन रोजाना होता है, वहां छोटी सी चूक भी बड़ी जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस अब इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच के बाद ही हादसे के सही कारणों का पता चल पाएगा।
