Bengal Counting Case 2026: Supreme Court ने TMC की अपील खारिज

Dainik R Times
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Bengal counting case 2026 Supreme Court and Election Commission India visuals

Bengal Counting Case 2026: काउंटिंग स्टाफ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, EC को पूर्ण अधिकार


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नई दिल्ली/कोलकाता | 2 मई 2026

Bengal Counting Case 2026 में बड़ा अपडेट सामने आया है। Supreme Court of India ने पश्चिम बंगाल में मतगणना केंद्रों पर केंद्रीय और PSU कर्मचारियों की तैनाती के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है।

कोर्ट ने साफ कहा कि यह फैसला पूरी तरह Election Commission of India के अधिकार क्षेत्र में आता है और इसमें अलग से किसी न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।


क्या था पूरा मामला? (Bengal Counting Case)

तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress) ने आरोप लगाया था कि:

  • मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों की अनिवार्यता निष्पक्षता पर असर डाल सकती है
  • राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी समान रूप से शामिल किया जाना चाहिए

इससे पहले Calcutta High Court भी इस आपत्ति को खारिज कर चुका था।


सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया:

  • काउंटिंग स्टाफ की नियुक्ति चुनाव आयोग का अधिकार है
  • नियमों के अनुसार केंद्र या राज्य, दोनों में से किसी भी स्तर के अधिकारी नियुक्त किए जा सकते हैं
  • इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की सहमति आवश्यक नहीं है

कोर्ट ने कहा कि “चुनाव आयोग पर भरोसा किया जाना चाहिए।”


चुनाव आयोग का सर्कुलर क्या कहता है?

13 अप्रैल 2026 को जारी सर्कुलर के अनुसार:

  • हर काउंटिंग टेबल पर सुपरवाइजर या असिस्टेंट में से एक का केंद्रीय/PSU कर्मचारी होना जरूरी
  • नियुक्ति का अंतिम निर्णय रिटर्निंग ऑफिसर के पास रहेगा

चुनाव आयोग के अनुसार यह व्यवस्था पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लागू की गई है।


कोर्ट में क्या दलीलें दी गईं?

तृणमूल कांग्रेस की ओर से Kapil Sibal ने कहा:

  • सर्कुलर की जानकारी देर से मिली
  • हर टेबल पर केंद्रीय कर्मचारी की अनिवार्यता पर सवाल
  • राज्य कर्मचारियों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं

वहीं चुनाव आयोग की ओर से कहा गया:

  • पूरी प्रक्रिया रिटर्निंग ऑफिसर की निगरानी में होती है
  • हर उम्मीदवार के काउंटिंग एजेंट मौजूद रहते हैं
  • किसी भी गड़बड़ी की आशंका बेबुनियाद है

हाईकोर्ट का रुख भी यही रहा

इससे पहले Calcutta High Court ने भी कहा था कि:

  • काउंटिंग स्टाफ की नियुक्ति पूरी तरह चुनाव आयोग का विषय है
  • इसमें किसी प्रकार की अवैधता नहीं है

आगे क्या?

  • पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान (23 और 29 अप्रैल) पूरा हो चुका है
  • अब सभी की नजर 4 मई 2026 को आने वाले नतीजों पर है

निष्कर्ष

Bengal Counting Case 2026 में सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने साफ कर दिया है कि चुनावी प्रक्रियाओं के संचालन में चुनाव आयोग की भूमिका सर्वोपरि है।

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