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Bharuch Chemical Blast: 5 मजदूरों की मौत, जहरीली गैस रिसाव

Dainik R Times
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गुजरात के भरूच जिले में शुक्रवार रात एक केमिकल फैक्टरी में भीषण विस्फोट हुआ। इसमें पांच मजदूरों की जान चली गई। देर रात करीब 10 बजे सायखा जीआईडीसी इलाके में स्थित SynZeal Pharmachem कंपनी के प्लांट में यह Bharuch chemical blast हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज करीब 15 किलोमीटर दूर तक सुनी गई। हादसे में पांच अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज भरूच के अस्पताल में चल रहा है।

अधिकारियों के अनुसार विस्फोट हाइड्रोजनेशन प्रक्रिया के दौरान हुआ। धमाके से रिएक्टर टैंक चिथड़े उड़ गए और मशीनरी के भारी पुर्जे पूरे परिसर में बिखर गए। ब्लास्ट के कुछ मिनट बाद प्लांट से जहरीली मेथिलीन डाइक्लोराइड (MDC) गैस का रिसाव भी शुरू हो गया। रातभर आसपास के इलाकों में लोगों की आंखों में जलन की शिकायतें मिलीं। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने बताया कि प्लांट से करीब 200 मीटर दूर खड़े एक ट्रैक्टर का टायर फट गया। पड़ोसी इकाइयों की इमारतें भी धमाके से हिल गईं।

हादसे के वक्त प्लांट में करीब 20 मजदूर काम पर मौजूद थे। मृतकों की पहचान अमोद निवासी भाविक दिलीपकुमार वसावा और जयदीप महेशभाई पटेल के रूप में हुई है। गिर सोमनाथ के तालाला निवासी वृंद तालविया तथा उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अनिकेत हरिलाल गौतम और अर्जुनकुमार रामसिंह गौतम भी इसमें मारे गए।

घायलों में पवनकुमार रामसिंह गौतम, मौसमकुमार रामसेवक यादव, शिवदयाल रामअवतार यादव, प्रतीक प्रवीण प्रजापति और प्रियांशु बहादुरलाल शामिल हैं। ये सभी बिहार और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। चिकित्सकों के मुताबिक पांचों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

Bharuch chemical blast के बाद प्रशासन की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही भरूच के उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) मनीषा मनानी और एसपी Akshyaraj Makwana मौके पर पहुंचे। राजस्व विभाग और फायर सर्विसेज की टीमें भी रात में ही वहां तैनात हो गईं। जिला प्रशासन ने कंपनी को तत्काल प्रभाव से प्लांट का संचालन बंद करने का नोटिस जारी कर दिया है। इसके बाद हादसे के सही कारणों की जांच शुरू हो गई है। इसमें गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB), औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय (DISH) और पुलिस मिलकर काम कर रहे हैं।

SynZeal Pharmachem का यह प्लांट सायखा इलाके में करीब एक साल पहले स्थापित हुआ था। यहां फार्मा इंटरमीडिएट्स (दवाओं के लिए जरूरी रसायन) बनाए जाते हैं।

गौरतलब है कि यह गुजरात में दो दिन के भीतर हुआ दूसरा बड़ा केमिकल ब्लास्ट है। इससे पहले 15 अक्टूबर को गांधीनगर के एक केमिकल प्लांट में हुए विस्फोट में चार मजदूरों की मौत हुई थी। लगातार हो रहे इन हादसों ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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