कोलकाता के चोरबगान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भारी बारिश के बीच मची भगदड़ में अब तक 19 लोगों की जान जा चुकी है। मरने वालों में ज्यादातर लड़कियां और बच्चे बताए जा रहे हैं। हादसे में 25 लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर है। Kolkata stampede की इस घटना के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवारों के लिए 25 लाख रुपये के मुआवजे और सरकारी नौकरी का ऐलान किया है। इससे पहले 17 मौतों की पुष्टि वाली खबर यहां पढ़ें।
25 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी का ऐलान
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी शनिवार देर रात कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद और एक सरकारी नौकरी दी जाएगी। घायलों को पांच-पांच लाख रुपये मिलेंगे। इसके अलावा सभी घायलों का इलाज सरकार किसी भी अस्पताल में कराएगी, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। अधिकारी ने अस्पताल में दस शोकसंतप्त परिवारों से मुलाकात की और कहा कि सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि 24 घायल खतरे से बाहर हैं, जबकि एक घायल अभी भी गंभीर हालत में है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मुआवजे की राशि PM की राहत के अलावा होगी।
HC के मौजूदा जज की अगुवाई में SIT करेगी जांच
मुख्यमंत्री ने घटना की पारदर्शी जांच का वादा किया है। राज्य सरकार कलकत्ता हाईकोर्ट के एक मौजूदा जज की अध्यक्षता में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन करेगी। इस टीम में एसटीएफ, सीआईडी और अन्य विभागों के अधिकारी होंगे। सरकार टीम की सिफारिशों पर कार्रवाई करेगी। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है। फॉरेंसिक टीम, एसटीएफ और फायर ब्रिगेड शुरुआती जांच में जुटी है। पंडाल समिति और निजी सिक्योरिटी एजेंसी के सदस्यों को हिरासत में लिया गया है।
कैसे मची भगदड़
शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे उत्तर कोलकाता के गिरीश पार्क थाना क्षेत्र में बारिश शुरू हुई। पुलिस के अनुसार बाहर इंतजार कर रही भीड़ अचानक आगे की ओर दौड़ पड़ी, जिससे कई लोग सड़क पर गिर गए और भगदड़ मच गई। एसीपी के शुरुआती इनपुट के अनुसार निजी सिक्योरिटी एजेंसी के एक अनाउंसमेंट और सीटी बजाने से अफरा-तफरी फैली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की राहत राशि की घोषणा की है।
