Bihar MLC की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने दो निर्दलीय एमएलसी की अयोग्यता की मांग की है। ये दोनों नेता चुनाव जीतने के कुछ दिन बाद भाजपा में शामिल हो गए। तेजस्वी ने कहा कि यह दल-बदल कानून का उल्लंघन है।
दोनों एमएलसी के नाम बंसीधर ब्रजवासी और राहुल राज हैं। ब्रजवासी तिरहुत स्नातक क्षेत्र से जीते हैं। राहुल राज सारण शिक्षक क्षेत्र से जीते हैं। दोनों ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जदयू के उम्मीदवारों को हराया था। शनिवार को दोनों ने भाजपा कार्यालय के बाहर पार्टी में शामिल होने की घोषणा की।
Bihar MLC: तेजस्वी ने क्या आरोप लगाए
तेजस्वी यादव ने शनिवार देर रात बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने भाजपा की सदस्यता लेकर संविधान की दसवीं अनुसूची का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि निर्दलीय चुना गया सदस्य चुनाव के बाद किसी दल में शामिल नहीं हो सकता। ऐसा करने पर वह अयोग्य हो जाता है। उन्होंने भाजपा पर संविधान का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया।
तेजस्वी ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 191(2) भी यही कहता है। इसके तहत अयोग्य सदस्य विधानमंडल का सदस्य नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को तुरंत अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। यह मामला अब विधान परिषद के सभापति के सामने जाएगा। तेजस्वी ने रविवार को रामलीला मैदान की रैली में भी इस मुद्दे को उठाया।
BJP का जवाब, दोनों नेताओं की दलील
भाजपा ने तेजस्वी के आरोपों को खारिज किया है। पार्टी प्रवक्ता कुंतल कृष्णा ने कहा कि दोनों नेताओं ने सिर्फ भाजपा को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर भरोसा जता रहे हैं। विधायक मनोज शर्मा ने भी वीडियो बयान में यही बात कही।
राहुल राज ने कहा कि उन्होंने पहले भाजपा छोड़ी थी। अब वह फिर से पार्टी में लौट आए हैं। उन्होंने दावा किया कि नियम के अनुसार निर्दलीय एमएलसी चुनाव के 15 दिन के भीतर सदस्यता ले सकता है। ऐसा करने पर वह पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार माना जाता है। ब्रजवासी ने कहा कि मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
आठ सीटों के लिए विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव 23 अक्टूबर को हुए थे। भाजपा और जदयू ने चार-चार सीटों पर चुनाव लड़ा था। दोनों नेता रविवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में भी शामिल हुए। इस घटना से बिहार में एनडीए के भीतर समन्वय पर भी सवाल उठ रहे हैं। द प्रिंट के अनुसार दोनों नेताओं की तस्वीरें सदस्यता पर्ची के साथ सामने आई हैं।
