मध्य प्रदेश में छोटे और मझोले उद्योगों के लिए बड़ी घोषणा हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को एमएसएमई औद्योगिक विकास कंपनी (MSME Industrial Development Company) बनाने की घोषणा की। यह घोषणा राज्य के 71वें स्थापना दिवस पर भोपाल में उद्यमियों के कार्यक्रम में हुई। नई कंपनी पूरी तरह राज्य सरकार की होगी। इसका काम छोटे उद्योगों को जमीन और बुनियादी सुविधाएं देना होगा।
MSME Industrial Development Company: क्या-क्या मिलेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कंपनी मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम की तरह काम करेगी। फर्क यह है कि निगम बड़े उद्योगों पर ध्यान देता है। उन उद्योगों में 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश होता है। नई कंपनी सिर्फ एमएसएमई क्षेत्र के लिए बनेगी। इससे राज्य के हर हिस्से में संतुलित औद्योगिक विकास होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी निवेशक अब औद्योगिक पार्क बना सकेंगे। इसके लिए सरकार प्रति हेक्टेयर 50 लाख रुपये का अनुदान देगी। एमएसएमई के लिए हर जिले में दो महीने के भीतर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छोटे उद्योगों को जगह की कमी नहीं होगी।
2028 तक 30 नए औद्योगिक क्षेत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025-26 में 220 हेक्टेयर में 13 नए औद्योगिक क्षेत्र बने हैं। पिछले साल उद्यमियों को 1,250 भूखंड आवंटित किए गए। इस वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 3,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य है। वर्ष 2028 तक 30 नए औद्योगिक क्षेत्र बनाए जाएंगे। इनमें 5,000 औद्योगिक इकाइयों के लिए भूखंड मिलेंगे।
कार्यक्रम में औद्योगिक भूखंडों के लिए आशय पत्र भी जारी किए गए। इनसे करीब 83 करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है। इससे 640 नए रोजगार भी बनेंगे। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत हजारों लाभार्थियों को ऋण भी दिए गए। इसी कार्यक्रम में एमएसएमई इकाइयों और स्टार्टअप को प्रोत्साहन राशि भी हस्तांतरित की गई।
एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। उन्होंने कहा कि निवेशक सम्मेलनों में प्रदेश की खूबियों को सामने रखा गया। मुख्यमंत्री ने युवा उद्यमियों से उनके निवेश और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार उनके नए विचारों को हर संभव मदद देगी। आईएएनएस के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था की मजबूती से ही स्थापना दिवस का उत्सव सार्थक होगा।
