Bhojshala Case: सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्टे देने से किया इनकार, सभी पक्षों को नोटिस
Bhojshala Case में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई की। याचिका मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए दायर की गई थी। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किए। हालांकि, अदालत ने फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक (स्टे) लगाने से इनकार कर दिया। अब मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह केवल अंतरिम सुनवाई है। इसलिए अंतिम निर्णय होने तक किसी भी पक्ष के अधिकारों पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं मानी जाएगी।
Bhojshala Case में हाईकोर्ट के आदेश को क्यों चुनौती दी गई?
मुस्लिम पक्ष ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें भोजशाला परिसर से जुड़े कई निर्देश जारी किए गए थे। याचिका में हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग की गई थी।
लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने इस चरण में स्टे देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि मामले की विस्तृत सुनवाई बाद में की जाएगी।
Bhojshala Case में सुप्रीम कोर्ट ने क्या अंतरिम निर्देश दिए?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी किए। इसके अलावा, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को निर्देश दिया गया कि अदालत की अनुमति के बिना संबंधित भूमि पर कोई नया निर्माण या स्थायी बदलाव नहीं किया जाए।
साथ ही, सभी पक्षों को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। अदालत ने कहा कि अंतिम निर्णय आने तक वर्तमान स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं होना चाहिए।
नमाज व्यवस्था को लेकर क्या कहा गया?
सुनवाई के दौरान अदालत ने अंतरिम व्यवस्था के तहत भोजशाला से लगी खाली भूमि पर मुस्लिम पक्ष के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के अनुसार नमाज अदा करने संबंधी निर्देशों पर भी विचार किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज के लिए समय निर्धारित किया गया है।
हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल अंतरिम व्यवस्था है। इससे किसी भी पक्ष के स्वामित्व या कानूनी अधिकारों पर अंतिम निर्णय नहीं माना जाएगा।
Bhojshala Case की अगली सुनवाई कब होगी?
सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी। उसी दौरान अदालत याचिका पर आगे की सुनवाई करेगी।
विशेषज्ञों ने क्या कहा?
सुनवाई के बाद अधिवक्ता विनय जोशी और हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस के आशीष गोयल ने मामले के कानूनी और तथ्यात्मक पहलुओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम निर्देशों के बाद अब सभी पक्ष अगली सुनवाई की तैयारी करेंगे।

