भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन गुरुवार को एक अहम मोड़ पर पहुंचा। डीपीआई कार्यालय के बाहर पद-वृद्धि की मांग को लेकर अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों की भूख हड़ताल खत्म हो गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी धरना स्थल पहुंचे और अनशन पर बैठे मुख्य अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत समेत अन्य युवाओं को नारियल पानी पिलाकर अनशन तुड़वाया।
चयनित शिक्षक अभ्यर्थी लंबे समय से शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनकी दलील है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लाखों पद खाली पड़े हैं, इसलिए योग्य और चयनित युवाओं की भर्ती होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर अभ्यर्थी भोपाल के डीपीआई कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे।
पटवारी ने सरकार को घेरा
धरना स्थल पर अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी सुध नहीं ली। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शिक्षकों के करीब तीन लाख पद खाली हैं, फिर भी सरकार पद-वृद्धि से बच रही है।
पटवारी के अनुसार, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह केवल नौकरी का सवाल नहीं है, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का सवाल है। पटवारी ने आश्वासन दिया कि आगामी विधानसभा सत्र में कांग्रेस इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी और सरकार को घेरेगी।
‘हड़ताल खत्म, आंदोलन नहीं’
अनशन खत्म होने के बाद अभ्यर्थियों ने साफ कहा है कि हड़ताल खत्म हुई है, आंदोलन नहीं। अगर सरकार पद-वृद्धि की मांग नहीं मानती है तो वे फिर से बड़ा आंदोलन करेंगे। गौरतलब है कि हाल ही में एमपी पुलिस ड्राइवर भर्ती के 1000 पदों पर आवेदन प्रक्रिया की घोषणा हुई थी, जिससे सरकारी भर्तियों को लेकर युवाओं की उम्मीदें बढ़ी हैं।
स्रोत: नईदुनिया की रिपोर्ट
