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Rajghat धरना खत्म: INDIA Bloc का शुक्रवार को बड़ा March

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नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन का तीन दिवसीय धरना गुरुवार शाम राजघाट पर समाप्त हो गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत गठबंधन के तमाम नेता शाम को राजघाट से रवाना हो गए।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि आज का धरना समाप्त हो गया है, लेकिन जब तक सीईसी इस्तीफा नहीं देते, गठबंधन का आंदोलन जारी रहेगा। कांग्रेस सांसद प्रणिति शिंदे ने कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र, संविधान और देश के लिए है। गठबंधन का आरोप है कि वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर की जा रही है। चुनाव आयोग और भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है।

शुक्रवार को ‘हल्ला बोल’ मार्च

गठबंधन अब शुक्रवार को एक और बड़े प्रदर्शन की तैयारी में है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के अनुसार, दिल्ली में मौजूद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इस मार्च में शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा गठबंधन के 10 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेगा और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी शिकायत रखेगा।

तीन दिन कैसे बीते

पहले दिन गठबंधन के सांसदों ने चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च किया था। दूसरे दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प हुई, जिसके बाद राहुल-प्रियंका पर दर्ज 3 एफआईआर समेत कई नेताओं पर मामले दर्ज हुए थे। यह आकाशवाणी भवन मामला से अलग, जंतर-मंतर प्रदर्शन का नया विकास है। तीसरे दिन नेता राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी के स्मारक पर शांतिपूर्ण धरना दिया। इस दौरान मध्य दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था रही।

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नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन का तीन दिवसीय धरना गुरुवार शाम राजघाट पर समाप्त हो गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत गठबंधन के तमाम नेता शाम को राजघाट से रवाना हो गए।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि आज का धरना समाप्त हो गया है, लेकिन जब तक सीईसी इस्तीफा नहीं देते, गठबंधन का आंदोलन जारी रहेगा। कांग्रेस सांसद प्रणिति शिंदे ने कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र, संविधान और देश के लिए है। गठबंधन का आरोप है कि वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर की जा रही है। चुनाव आयोग और भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है।

शुक्रवार को ‘हल्ला बोल’ मार्च

गठबंधन अब शुक्रवार को एक और बड़े प्रदर्शन की तैयारी में है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के अनुसार, दिल्ली में मौजूद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इस मार्च में शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा गठबंधन के 10 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेगा और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी शिकायत रखेगा।

तीन दिन कैसे बीते

पहले दिन गठबंधन के सांसदों ने चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च किया था। दूसरे दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प हुई, जिसके बाद राहुल-प्रियंका पर दर्ज 3 एफआईआर समेत कई नेताओं पर मामले दर्ज हुए थे। यह आकाशवाणी भवन मामला से अलग, जंतर-मंतर प्रदर्शन का नया विकास है। तीसरे दिन नेता राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी के स्मारक पर शांतिपूर्ण धरना दिया। इस दौरान मध्य दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था रही।

तीसरे दिन की शुरुआत खरगे की ओर से कनॉट प्लेस के एक रेस्तरां में सांसदों के लंच से हुई, जिसके बाद नेता बसों से राजघाट पहुंचे। राहुल गांधी ने कहा कि करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन पहले दिन उन्हें चुनाव आयोग के सामने रोका गया और दूसरे दिन जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन नहीं करने दिया गया। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि पूरा देश सीईसी के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

चुनाव आयोग पर गठबंधन का मुख्य आरोप वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर है। आयोग ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है और कहा है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक नियमित संवैधानिक प्रक्रिया है।

स्रोत: एनडीटीवी की रिपोर्ट

तीसरे दिन की शुरुआत खरगे की ओर से कनॉट प्लेस के एक रेस्तरां में सांसदों के लंच से हुई, जिसके बाद नेता बसों से राजघाट पहुंचे। राहुल गांधी ने कहा कि करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन पहले दिन उन्हें चुनाव आयोग के सामने रोका गया और दूसरे दिन जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन नहीं करने दिया गया। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि पूरा देश सीईसी के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

चुनाव आयोग पर गठबंधन का मुख्य आरोप वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर है। आयोग ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है और कहा है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक नियमित संवैधानिक प्रक्रिया है।

स्रोत: एनडीटीवी की रिपोर्ट

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