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Census 2027 Update: PM Modi Ne Online Form Bhara, 33 Sawal Puchhe Jayenge

Census 2027 Update: Aaj Se Shuru Hui Janaganana, PM Modi Ne Bhara Online Form

Census 2027 Update के तहत देशभर में आज से जनगणना का पहला चरण शुरू हो गया है। Census 2027 Update में पहली बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन फॉर्म भरने की जानकारी दी है।

दरअसल, जनगणना 2027 का पहला फेज 1 अप्रैल 2026 से शुरू हुआ है और यह 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस चरण में मकानों की गिनती और हाउस लिस्टिंग की जाएगी। वहीं दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें लोगों की जनसंख्या और जाति से जुड़ा डेटा जुटाया जाएगा।

Census 2027 Update में पहली बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल

इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी। सरकारी कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा सीधे अपने स्मार्टफोन पर दर्ज करेंगे। वहीं लोगों को पहली बार सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा भी दी गई है।

इसके तहत लोग ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। हालांकि यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक रहेगी। जो लोग ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरेंगे, उनके घर सरकारी कर्मचारी जाकर जानकारी लेंगे।

  • पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू हुआ
  • दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा
  • पहली बार ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा दी गई

इसके अलावा ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए 16 भाषाओं का विकल्प भी दिया गया है।

जनगणना में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे

जनगणना के दौरान कर्मचारियों की ओर से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें घर, परिवार, पानी, बिजली, वाहन, मोबाइल और रसोई जैसी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी शामिल होगी।

दरअसल, मोबाइल में FM होने पर उसे रेडियो माना जाएगा। वहीं मोबाइल पर YouTube देखने को टीवी नहीं माना जाएगा। इसके लिए घर में अलग टीवी होना जरूरी होगा।

इसके अलावा अगर कोई जोड़ा लंबे समय से साथ रह रहा है, तो उसे विवाहित श्रेणी में रखा जा सकता है। हालांकि यह तभी माना जाएगा, जब दोनों अपने रिश्ते को स्थायी मानें।

  • मोबाइल में FM होने पर रेडियो माना जाएगा
  • YouTube देखने को टीवी नहीं माना जाएगा
  • लंबे समय से साथ रह रहे जोड़े को विवाहित माना जा सकता है

यह बदलाव जनगणना के डेटा को ज्यादा सटीक बनाने के लिए किया गया है।

किन सवालों का जवाब देने की जरूरत नहीं

सरकार ने साफ किया है कि जनगणना कर्मचारी अगर कुछ निजी जानकारी मांगते हैं, तो लोगों को जवाब नहीं देना चाहिए। इसमें आमदनी, बैंक डिटेल और निजी दस्तावेज शामिल हैं।

वहीं किसी कर्मचारी को आधार, पैन, बैंक खाता नंबर या OTP मांगने का अधिकार नहीं होगा। इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

  • महीने की कमाई से जुड़ी जानकारी न दें
  • बैंक खाता नंबर या OTP साझा न करें
  • आधार या पैन दिखाने का दबाव स्वीकार न करें

फिलहाल सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत जनगणना कर्मचारी को ही जानकारी दें।

डेटा सुरक्षा को लेकर सरकार का बड़ा दावा

सरकार का कहना है कि जनगणना का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इसे Critical Information Infrastructure की श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि डेटा को वही सुरक्षा मिलेगी, जो परमाणु केंद्र, सेना और राष्ट्रीय बिजली ग्रिड को मिलती है।

इसके अलावा यह डेटा RTI के दायरे से बाहर रहेगा। केवल अधिकृत अधिकारी ही इसे बायोमेट्रिक और डिजिटल सिग्नेचर के जरिए देख सकेंगे।

  • जनगणना डेटा RTI के दायरे से बाहर रहेगा
  • केवल अधिकृत अधिकारी ही डेटा देख सकेंगे
  • डेटा को मिलिट्री नेटवर्क जैसी सुरक्षा दी जाएगी

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