Iran Israel Tension: Trump Bole 2-3 Hafte Mein Bade Hamle, Oil Prices Bhi Badhe
दुनिया में Iran Israel Tension एक बार फिर तेजी से बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि अमेरिका अगले 2 से 3 हफ्तों में ईरान पर बड़े हमले कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की मिसाइल, ड्रोन और नौसेना क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है।
वहीं ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी सेना अपने सैन्य लक्ष्यों को पूरा करने के करीब है। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इसी वजह से पूरी दुनिया में तनाव और बढ़ गया है।
Iran Israel Tension के बीच ट्रम्प का बड़ा दावा
ट्रम्प ने अपने 19 मिनट के भाषण में कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने ईरान की सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है और मिसाइल-ड्रोन क्षमता भी काफी घट गई है।
हालांकि, ट्रम्प ने अपने भाषण में कोई नया सैन्य ऐलान नहीं किया। उन्होंने पहले कही गई बातों को ही दोहराया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अमेरिका 2 से 3 हफ्तों में अपने सैन्य अभियान के अहम हिस्से को पूरा कर सकता है।
- ट्रम्प ने 2-3 हफ्तों में बड़े हमलों की बात कही
- ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर होने का दावा किया
- युद्ध जल्दी खत्म होने का भी संकेत दिया
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी
ट्रम्प के बयान के बाद ईरानी सेना ने भी कड़ा जवाब दिया है। ईरान की सैन्य कमान ने कहा कि युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ और बड़े हमले किए जा सकते हैं।
इसके अलावा ईरान ने उत्तरी इजराइल की ओर मिसाइलें दागने का दावा भी किया। वहीं लेबनान के हिजबुल्लाह संगठन ने भी इजराइल पर रॉकेट और ड्रोन हमले करने की बात कही।
- ईरान ने जवाबी हमलों की चेतावनी दी
- उत्तरी इजराइल में अलर्ट जारी हुआ
- हिजबुल्लाह ने भी हमले का दावा किया
इससे साफ है कि फिलहाल तनाव कम होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं।
Oil Prices और शेयर बाजार पर असर
Iran Israel Tension का असर अब सीधे ग्लोबल बाजारों पर दिखने लगा है। ट्रम्प के भाषण के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं WTI कच्चा तेल भी 103 डॉलर के पार चला गया।
इसके अलावा जापान, चीन और हांगकांग के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को डर है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय तक बंद रहा, तो दुनिया भर में तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
- ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर तक पहुंचा
- WTI 103 डॉलर के ऊपर गया
- एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट आई
यह स्थिति भारत जैसे देशों के लिए भी चिंता बढ़ा सकती है, क्योंकि भारत अपनी बड़ी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बढ़ी चिंता
ट्रम्प ने अपने भाषण में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की जिम्मेदारी सिर्फ अमेरिका की नहीं है। उन्होंने दूसरे देशों से भी इस दिशा में कदम उठाने की बात कही।
दरअसल, होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। अगर यह रास्ता लंबे समय तक बाधित रहता है, तो दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से ब्रिटेन 35 देशों की एक बड़ी बैठक बुलाने जा रहा है।
आगे क्या हो सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ हफ्ते बेहद अहम रहेंगे। अगर अमेरिका और ईरान के बीच कोई बातचीत नहीं होती, तो सैन्य कार्रवाई और तेज हो सकती है।
हालांकि, दूसरी ओर कई देश इस तनाव को कम करने की कोशिश भी कर रहे हैं। फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका, ईरान और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पर बनी हुई है।

