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छात्र संगठन चुनाव प्रदर्शन: 8 साल से चुनाव नहीं, कलेक्टर कार्यालय पर नारेबाजी

छात्र संगठन चुनाव प्रदर्शन से कलेक्टर कार्यालय घिरा

छात्र संगठन चुनाव प्रदर्शन को लेकर इंदौर में सैकड़ों छात्र कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। छात्र संगठन चुनाव प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। दरअसल छात्रों का आरोप है कि मध्यप्रदेश में पिछले 8 वर्षों से छात्र संगठन के चुनाव नहीं कराए गए हैं।

वहीं प्रदर्शन में शामिल छात्रों के हाथों में तख्तियां और पोस्टर थे। दूसरी ओर छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

8 वर्षों से नहीं हुए छात्र संगठन चुनाव

छात्रों का कहना है कि लंबे समय से छात्र प्रतिनिधियों का चुनाव नहीं होने से कॉलेजों में जवाबदेही की कमी हो गई है। इसके अलावा विद्यार्थियों की समस्याएं प्रशासन तक नहीं पहुंच पा रहीं। दरअसल छात्र संगठनों की अनुपस्थिति में कई मुद्दे लंबित पड़े हैं।

मुख्य मांगें:

  • प्रदेश में जल्द छात्र संगठन चुनाव

  • कॉलेजों में लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व

  • छात्र समस्याओं का त्वरित समाधान

छात्र नेताओं के अनुसार चुनाव नहीं होने से मनमानी का माहौल बना हुआ है।

इससे पहले पढ़ें: “उच्च शिक्षा संस्थानों में लंबित मांगों पर छात्र आंदोलन”
इस मामले में विस्तृत अपडेट देखें: “प्रदेश में विश्वविद्यालय प्रशासन की समीक्षा”

कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन और ज्ञापन

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में शांतिपूर्ण रैली निकाली। हालांकि कुछ समय के लिए माहौल गरमाया रहा। दरअसल छात्रों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र चुनाव कराने की मांग की।

छात्र नेता वीरेंद्र गुर्जर ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल होना जरूरी है। उनके मुताबिक, प्रतिनिधित्व के अभाव में छात्र हित प्रभावित हो रहे हैं।

मुख्य बिंदु:

  • सैकड़ों छात्र शामिल

  • मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

  • चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग

आगे की रणनीति और प्रशासन की प्रतिक्रिया

छात्र संगठन चुनाव प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर उचित स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया। वहीं छात्रों ने स्पष्ट किया कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा।

दरअसल छात्रों का मानना है कि चुनाव से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। दूसरी ओर प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आधिकारिक जानकारी के लिए देखें:
स्रोत: मध्य प्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग

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