Follow Dainik Rajeev Times

CJP Protest: SC ने रोकी Metro-Train बंदी, Dipke का ऐलान

Dainik R Times
4 Min Read

CJP protest पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP protest से एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि दिल्ली मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। जस्टिसों ने टिप्पणी की — “आप मक्खी मारने के लिए हथौड़ा नहीं चला सकते”।

कोर्ट ने केंद्र से कहा कि बंद किए जाने वाले मेट्रो स्टेशनों की संख्या घटाई जाए। जस्टिसों ने कहा कि “प्रतिबंध” और “पूर्ण बंदी” में फर्क समझना जरूरी है। DMRC ने 9 अक्टूबर रात 9 बजे से 57 स्टेशनों के गेट बंद करने का प्रस्ताव रखा था — उसी पर कोर्ट ने रोक लगाई है।

यात्रियों के बुनियादी अधिकार अहम — CJI

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं का अधिकार है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा, पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली से रोज़ाना हज़ारों लोग रोज़ी-रोटी के लिए यात्रा करते हैं। ऐसे में उनकी आवाजाही पूरी तरह बंद नहीं की जा सकती।

यह याचिका सीपीएम के एम.ए. बेबी ने दाखिल की थी। उनकी ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बहस की। कोर्ट के इस रुख से उन लाखों यात्रियों को राहत मिली है, जो 10 अक्टूबर को मेट्रो बंद होने की आशंका से परेशान थे।

पुलिस को ‘फ्री हैंड’ वाली याचिका खारिज

CJI की अगुवाई वाली बेंच ने एक और याचिका खारिज की। यह याचिका एल. रामनाथन ने दाखिल की थी। इसमें 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस को “फ्री हैंड” देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने साफ किया कि कानून-व्यवस्था के नाम पर नागरिकों के अधिकारों को दरकिनार नहीं किया जा सकता।

Dipke का ऐलान: ‘Come what may, मार्च होगी’

कोर्ट के आदेश के बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने X पर ऐलान किया। उन्होंने लिखा कि वह कल दिल्ली पहुंचेंगे और “come what may” जंतर-मंतर तक मार्च करेंगे। CJP के सह-संयोजक सौरभ दास ने पहले ही दिल्ली पुलिस को औपचारिक नोटिस दे रखा है। संगठन के नेता आशुतोष रांका ने कहा था — “वे हमें जहां रोकेंगे, हम वहीं बैठ जाएंगे। वही जगह जंतर-मंतर बन जाएगी।”

हज़ारों सुरक्षा बल तैनात, अनुमति नहीं

रॉयटर्स के हवाले से सामने आए एक सरकारी दस्तावेज के अनुसार हज़ारों पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए जा रहे हैं। इनमें से कुछ कश्मीर से भी बुलाए गए हैं। CJP ने दावा किया है कि उसके समर्थकों की हिरासतें “हज़ारों में” हो रही हैं। हालांकि रॉयटर्स इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर पाया। दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी है।

CJP 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का प्रस्ताव रखता है। संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताएं हुईं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और चुनाव आयोग ने इन्हें खारिज किया है। इससे पहले 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में भी CJP का प्रदर्शन हो चुका है।

स्रोत: द स्टेट्समैन की रिपोर्ट

Share This Article