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Nobel Peace Prize 2026: भारतीय मूल की Navi Pillay को सम्मान

Dainik R Times
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नोबेल शांति पुरस्कार 2026 का ऐलान

Nobel Peace Prize 2026 का ऐलान शुक्रवार को कर दिया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान दक्षिण अफ्रीका की 85 वर्षीय न्यायविद् नवनेथम ‘नवी’ पिल्ले (Navanethem ‘Navi’ Pillay) को दिया गया है। नॉर्वे की नोबेल समिति के अध्यक्ष जोर्गन वाटने फ्रिडनेस ने ओस्लो में शुक्रवार को इस घोषणा की।

समिति ने कहा कि पिल्ले को यह पुरस्कार “शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों” के लिए दिया गया है। उन्हें स्वर्ण पदक, प्रमाणपत्र और 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग 1.2 मिलियन डॉलर) की राशि मिलेगी। समारोह परंपरा के अनुसार 10 दिसंबर को ओस्लो में होगा।

पिल्ले भारतीय तमिल मूल की हैं — उनका जन्म 23 सितंबर 1941 को डरबन में हुआ था, और उनके दादा-दादी 1890 के दशक में गिरमिटिया मजदूर के रूप में भारत से दक्षिण अफ्रीका गए थे।

Nobel Peace Prize 2026 की विजेता — कौन हैं Navi Pillay?

नवी पिल्ले दक्षिण अफ्रीका के हाई कोर्ट की पहली गैर-श्वेत महिला न्यायाधीश बनीं — रंगभेद (अपार्थाइड) के दौर में यह उपलब्धि अपने आप में ऐतिहासिक थी। उस दौर में उन्होंने नेल्सन मंडेला समेत रंगभेद विरोधी कार्यकर्ताओं का बचाव भी किया।

पिल्ले 1999 से 2003 तक रवांडा के लिए बने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण (ICTR) की अध्यक्ष रहीं और 2003 से 2008 तक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) की न्यायाधीश रहीं। वर्ष 2008 से 2014 तक वह संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त रहीं। उनके सबसे अहम योगदानों में बलात्कार को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराध के रूप में स्थापित करना शामिल है — यह फैसला यौन अपराधों के पीड़ितों के लिए न्याय की दिशा में मील का पत्थर माना जाता है।

हाल के वर्षों में वह संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र जांच आयोग की अध्यक्ष भी रहीं, जिसने गाजा में इजरायल द्वारा नरसंहार किए जाने का निष्कर्ष दिया था — इजरायल ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। वर्तमान में वह म्यांमार नरसंहार मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) की न्यायाधीश हैं।

287 दावेदार, 125वां शांति नोबेल

इस साल शांति नोबेल के लिए कुल 287 नामांकन प्राप्त हुए थे — 208 व्यक्ति और 79 संगठन। यह नोबेल शांति पुरस्कार की 125वीं वर्षगांठ का वर्ष भी है। पिछले साल यह पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को दिया गया था। घोषणा के समय नोबेल समिति पिल्ले को फोन पर संपर्क नहीं कर पाई थी।

दिलचस्प बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार खुद को शांति नोबेल का हकदार बताते रहे हैं — वह दावा करते हैं कि उन्होंने “आठ युद्ध” रुकवाए। विश्लेषकों का कहना है कि मानवाधिकारों की प्रबल पैरोकार पिल्ले को चुनना ट्रंप प्रशासन की नीतियों को परोक्ष जवाब भी है। नोबेल सप्ताह में साहित्य का नोबेल कनाडा की एनी कार्सन को मिला है; सोमवार को अर्थशास्त्र का नोबेल घोषित होगा।

स्रोत: एनडीटीवी की रिपोर्ट

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