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Indore Central Jail में डेंगू: 50+ कैदी बीमार, 3 पॉजिटिव

Dainik R Times
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इंदौर। सेंट्रल जेल में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। जेल में 50 से ज्यादा कैदी बुखार से बीमार हो गए हैं। इनमें से तीन कैदियों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि ज्यादातर कैदियों को टाइफाइड निकला है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जेल परिसर का सर्वे किया तो पानी की बाल्टियों और बर्तनों में डेंगू का लार्वा भी मिला, जिसे मौके पर ही नष्ट किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी के मुताबिक जेल से कैदियों में बुखार की सूचना मिलने के बाद मलेरिया विभाग की टीम ने परिसर का सर्वे किया। करीब 32 मरीजों की जांच की गई। एमवाय अस्पताल में डेंगू की पुष्टि के लिए हुए परीक्षण में तीन मरीजों में डेंगू पाया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बाकी मरीजों में टाइफाइड की संभावना सामने आई है। यह समझना जरूरी है कि 32 मरीजों की जांच का मतलब यह नहीं कि सभी में डेंगू की पुष्टि हुई है।

2 अक्टूबर को एक कैदी की मौत

2 अक्टूबर को बुखार के बाद एक कैदी की मौत हो गई थी। हालांकि मरीज की रिपोर्ट में डेंगू से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। मौत की वजह सिकल सेल एनीमिया बताई गई है। लेकिन इसके बाद जब कई और कैदियों को बुखार आया तो जेल प्रशासन हरकत में आया और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई।

कैदियों को उपचार के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया। पिछले 15 दिनों में 32 कैदियों को एमवाय में भर्ती कराया गया है। जेल अधीक्षक दिनेश नरगांवे के मुताबिक लगभग 20 मरीज ठीक हो चुके हैं और फिलहाल 18 कैदियों का उपचार चल रहा है। कुछ कैदियों के प्लेटलेट्स कम होने की रिपोर्ट भी आई है, लेकिन यह बुखार के कारण है और उनका इलाज किया जा रहा है।

हजारों बर्तनों में मिला लार्वा

मलेरिया विभाग की टीम जब जेल में डेंगू का लार्वा नष्ट करने पहुंची तो तीन से चार हजार कंटेनरों में लार्वा मिला। बताया जा रहा है कि हर कैदी के पास एक बर्तन और एक बाल्टी होती है, जिसमें वह नहाने और शौचालय के लिए पानी स्टोर करता है। लार्वा को दवाइयां डालकर नष्ट किया गया है।

4 अक्टूबर से स्वास्थ्य विभाग का अमला जेल परिसर में लार्वा नष्ट करने की कवायद कर रहा है। जेल के स्टाफ को प्रशिक्षण भी दिया गया है ताकि वे पानी में मौजूद मच्छरों के लार्वा की पहचान कर सकें और समय रहते नष्ट कर सकें। डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर सामान्यतः साफ और ठहरे हुए पानी में प्रजनन करता है, इसलिए पानी के भंडारण की नियमित निगरानी अब जरूरी हो गई है।

जेल में रोजाना 150 कैदियों की OPD

जेल प्रशासन के मुताबिक जेल में प्रतिदिन करीब 150 कैदियों की OPD होती है, जिसमें बीमार कैदियों की जांच और उपचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच यह मामला जेलों में स्वास्थ्य प्रबंधन पर भी सवाल उठाता है। नईदुनिया की रिपोर्ट के मुताबिक स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी जारी रहेगी।

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