दिल्ली की हवा सोमवार सुबह फिर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुँच गई। समीर ऐप के अनुसार दिल्ली का कुल सूचकांक (Delhi AQI very poor) सुबह 310 दर्ज किया गया। यह आँकड़ा सुबह करीब आठ बजे का है। यह इस मौसम का पहला ‘बेहद खराब’ दिन है। रविवार को यह सूचकांक 277 था।
Delhi AQI very poor: कई इलाकों में हवा और खराब
दिल्ली के कई इलाकों में हवा और भी खराब दर्ज की गई। रोहिणी में सूचकांक 396 तक पहुँच गया। आईटीओ में 349 और अक्षरधाम में भी 349 दर्ज किया गया। चाँदनी चौक में 360 और इंडिया गेट-जनपथ क्षेत्र में 335 रहा। नोएडा में भी सूचकांक 311 दर्ज किया गया। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सुबह से ही दिल्ली-एनसीआर की हवा खराब श्रेणी में बनी हुई थी।
सूचकांक 301 से 400 के बीच होने पर हवा ‘बेहद खराब’ मानी जाती है। इसलिए दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू है। इस चरण में निर्माण और ध्वस्तीकरण पर रोक लगाई जाती है। पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया गया है।
BS-VI पाबंदी का पहला दिन, 1,539 वाहन लौटाए गए
दिल्ली में एक नवंबर से गैर-बीएस-VI वाहनों के प्रवेश पर रोक लगी है। यह पाबंदी 31 जनवरी 2027 तक लागू रहेगी। दिल्ली से बाहर के पेट्रोल और डीजल वाहन इसमें आते हैं। सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को छूट दी गई है। राजोकरी, डीएनडी, गाजीपुर, सिंघू, टिकरी और बदरपुर में जाँच चल रही है।
पहले दिन करीब 250 कर्मियों ने सीमा पर जाँच की। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार पहले दिन 1,539 वाहनों को सीमा से वापस भेजा गया। रविवार शाम पाँच बजे तक 68.4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसमें प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र से जुड़े 56.6 लाख रुपये शामिल हैं। निर्माण और ध्वस्तीकरण पर 9.8 लाख रुपये का जुर्माना लगा। प्रवेश नियम तोड़ने पर दो लाख रुपये वसूले गए।
दिल्ली में प्रदूषण से राहत के उपाय जारी
दिल्ली सरकार ने बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के ईंधन न देने का नियम लागू किया है। सरकारी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा गया है। निर्माण और ध्वस्तीकरण पर एक नवंबर से 31 जनवरी तक रोक है। दस दिसंबर से 20 जनवरी तक यह रोक पूरी तरह लागू रहेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार सर्दी बढ़ने के साथ हवा और खराब हो सकती है। इसलिए लोगों को सुबह और शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चे और बुजुर्ग मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। दिल्ली में नवंबर की शुरुआत में नियमों में हुए बदलावों ने भी सुर्खियाँ बटोरी थीं।
