दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर: AQI 506, स्कूलों में स्पोर्ट इवेंट्स पर रोक

DR Times
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दिल्ली इन दिनों गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है। राजधानी का AQI (Air Quality Index) 506 तक पहुंच गया है, जिससे दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्तर अत्यधिक खतरनाक (Severe) श्रेणी में आता है और नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

प्रदूषण बढ़ने के कारण दिल्ली सरकार ने सुरक्षा के लिए स्कूलों में सभी स्पोर्ट इवेंट्स और आउटडोर गतिविधियों पर रोक लगा दी है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को घर के अंदर रहने, मास्क पहनने और प्रदूषित हवा में लंबी अवधि तक बाहर न रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पुरानी बीमारी वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है।

दिल्ली में वायु प्रदूषण की यह स्थिति औद्योगिक गतिविधियों, वाहन धुएं, निर्माण कार्यों और पराली जलाने जैसी कारकों के कारण बन रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन स्रोतों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

साथ ही, मध्य प्रदेश के 12 शहरों में मौसम में ठंडक का प्रभाव दिख रहा है। पारा 10° सेल्सियस से नीचे गिर गया है। यह ठंड बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि लोग गर्म कपड़े पहनें और बाहर की ठंडी हवा में कम से कम समय बिताएं।

दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर: AQI 506, स्कूलों में स्पोर्ट इवेंट्स पर रोक

दिल्ली और आसपास के राज्यों में प्रदूषण और ठंड के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ गया है। अस्पतालों में सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। विशेषज्ञों ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण उपाय तुरंत लागू किए जाने चाहिए, जैसे कि वाहन नंबर प्लेट के आधार पर चलने की पाबंदी, औद्योगिक गतिविधियों पर नियंत्रण और पराली जलाने पर रोक।

राजधानी में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रशासन और नागरिकों दोनों की जिम्मेदारी है। प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है, वहीं नागरिकों को व्यक्तिगत सुरक्षा के उपाय अपनाने चाहिए। मास्क पहनना, एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल और प्रदूषित क्षेत्रों में कम समय बिताना जैसे उपाय लाभकारी साबित हो सकते हैं।

इस बीच मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले 2-3 दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है और हवा में प्रदूषण का स्तर उच्च रह सकता है। इस कारण नागरिकों को स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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