ECI 14 Objections: चुनाव आयुक्तों का मतभेद उजागर

Dainik R Times
2 Min Read

चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की खबरों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। ECI 14 Objections के इस मामले में इंडियन एक्सप्रेस की जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दो चुनाव आयुक्तों — सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी — ने नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 लिखित आपत्तियां दर्ज कीं।

रिपोर्ट के अनुसार, आपत्तियां मतदाताओं के नाम जोड़ने-हटाने, फॉर्म-6 में नियम संशोधन के बिना बदलाव और ECINet के जरिए मतदाता डेटाबेस के “क्रमिक केंद्रीकरण” जैसे मुद्दों पर थीं। कुछ कदमों को “अनधिकृत और अवैध” तक कहा गया। दावा है कि एक ही दिन में चार आपत्तियां दर्ज हुईं, और मई 2026 में जोशी ने फॉर्म-6 संशोधन पर लिखित विरोध जताया था। दोनों आयुक्तों ने कार्य आवंटन को लेकर कैबिनेट सचिव को भी पत्र लिखा था।

ECI 14 Objections पर आयोग का जवाब

चुनाव आयोग ने उसी दिन (23 सितंबर) इस रिपोर्ट का खंडन किया। आयोग का कहना है कि SIR सहित सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए और तीनों सदस्यों ने उन पर हस्ताक्षर किए थे। आयोग के अनुसार, ये आपत्तियां औपचारिक मतभेद नहीं, बल्कि आंतरिक टिप्पणियां थीं। IANS की रिपोर्ट

इस बीच विपक्ष ने आयोग पर हमला तेज कर दिया है। केरल में प्रियंका गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ “देशद्रोह” का मुकदमा चलाने की मांग तक कर दी। भाजपा ने आयोग का बचाव किया है। राहुल गांधी पहले ही वोट चोरी का आरोप लगाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं। यह विवाद सुप्रीम कोर्ट में CEC-EC नियुक्ति कानून को लेकर चल रही सुनवाई के बीच और गहरा गया है।

Share This Article