Edible Oil सस्ता: customs duty घटी, त्योहारों से पहले राहत

Dainik R Times
3 Min Read

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) में कटौती कर दी है, जो 24 सितंबर से लागू हो गई है। अधिसूचना संख्या 31/2026-कस्टम्स 23 सितंबर को जारी हुई थी। त्योहारी सीजन से ठीक पहले इस फैसले से उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

क्रूड सोयाबीन तेल और क्रूड पाम ऑयल पर BCD 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। सबसे बड़ी राहत क्रूड सनफ्लावर ऑयल पर मिली है — इस पर 10 प्रतिशत ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है। रिफाइंड सोयाबीन और पाम ऑयल पर ड्यूटी 32.5 प्रतिशत से घटाकर 27.5 प्रतिशत और रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल पर 32.5 प्रतिशत से घटाकर 22.5 प्रतिशत की गई है।

कुल आयात शुल्क कितना घटा

कृषि अवसंरचना विकास उपकर (AIDC) और सरचार्ज मिलाकर क्रूड पाम और सोया तेल पर कुल आयात शुल्क 16.5 प्रतिशत से घटकर 11 प्रतिशत रह गया है, जबकि क्रूड सनफ्लावर तेल पर यह 16.5 प्रतिशत से घटकर 5.5 प्रतिशत हो गया है।

Edible Oil Duty Cut पर SEA की प्रतिक्रिया

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (SEA) के अध्यक्ष संजीव अस्थाना ने गुरुवार को इस फैसले को “समय पर उठाया गया संतुलित कदम” बताया। उनके मुताबिक, पिछले एक साल में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में करीब 25 प्रतिशत और घरेलू कीमतों में 12–15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, और त्योहारी सीजन नजदीक है।

रॉयटर्स के अनुसार, भारत में खाद्य तेलों की कीमतें एक साल में करीब 20 प्रतिशत बढ़ी हैं और अगस्त में रिफाइंड तेल की खुदरा महंगाई दर 14.24 प्रतिशत पर पहुंच गई थी। ऐसे में ड्यूटी में कटौती से कीमतों पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

पिछले एक साल में खाद्य तेलों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं का बजट बिगाड़ दिया था। त्योहारी सीजन में खाद्य तेलों की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में यह कटौती रसोई के खर्च में राहत दे सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, इसलिए आयात शुल्क में कटौती घरेलू बाजार को संतुलित करने का कारगर उपाय हो सकता है। हालांकि, इसका पूरा फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचे, इसके लिए आयातकों और रिफाइनरों की भूमिका अहम होगी। (बिज़नेसलाइन)

यह भी पढ़ें: देश की ताजा खबरें

Share This Article