Follow Dainik Rajeev Times

Gangapurna: 2 जापानी पर्वतारोहियों के शव मिले

Dainik R Times
2 Min Read

नेपाल के मनांग जिले में गंगापूर्णा वेस्ट चोटी पर लापता दो जापानी पर्वतारोहियों के शव शुक्रवार सुबह मिल गए। Gangapurna climbers bodies करीब 6,300 मीटर की ऊंचाई पर चोटी के दक्षिणी ढलान पर बरामद हुए। इसके साथ ही 19 अक्टूबर से चल रहा पांच दिन का हवाई सर्च ऑपरेशन खत्म हो गया।

शवों की पहचान हिदेसुके तानेइशी (40) और तेत्सु हाशिमोतो (25) के रूप में हुई है। दोनों 10 अक्टूबर को बिना बाहरी मदद के अल्पाइन शैली में चढ़ाई पर निकले थे और 15 अक्टूबर को करीब 7,050 मीटर की ऊंचाई से उनका संपर्क टूट गया था। वे इस अनछुई 7,140 मीटर ऊंची चोटी की पहली चढ़ाई का प्रयास कर रहे थे।

हेलिकॉप्टर और ड्रोन से तलाश

सर्च टीम में अल्टीट्यूड एयर के वरिष्ठ कैप्टन सोबित गौचन, पर्वतीय गाइड पासंग रिंजी शेरपा और ड्रोन पायलट मनीष महर्जन शामिल थे। हेलिकॉप्टर टीम को 5,000 मीटर से ऊपर उतारता था, जहां से ड्रोन से ऊंचे ढलानों की निगरानी की जाती थी। बुधवार को टीम को करीब 7,000 मीटर पर पर्वतारोहियों का आखिरी कैंप मिला था — बैग, रस्सी और फावड़ा वहीं पड़ा था।

बचाव दल के मुताबिक दोनों करीब 900 मीटर नीचे गिरे थे, जिससे शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। शुरुआती अंदाजा है कि स्लैब हिमस्खलन ने उन्हें दक्षिणी ढलान पर बहा दिया।

अब क्या होगा

शवों को काठमांडू एयरलिफ्ट किया जा रहा है, जहां पोस्टमार्टम के बाद उन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा। पूरी तलाश जापानी दूतावास और परिजनों के समन्वय से चलाई गई थी। यह अभियान काठमांडू की कॉस्मो एडवेंचर कंपनी के जरिए आयोजित किया गया था। टीम लीडर हिदेसुके तानेइशी अनुभवी पर्वतारोही थे — पिछले साल उन्हें 6,652 मीटर ऊंची फोलेसोबी चोटी की पहली चढ़ाई के लिए प्रतिष्ठित पियोलेट डी’ओर पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था। गंगापूर्णा वेस्ट को असापूर्णा या लाचेनल पीक भी कहा जाता है — 2014 में विदेशी दलों के लिए खुलने के बाद से कोई भी दल इसकी चोटी पर नहीं पहुंच सका है।

Share This Article