Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का IPO शुक्रवार को बंद हो गया और आखिरी दिन निवेशकों की भारी भीड़ उमड़ी। Jio IPO final subscription के आंकड़े बताते हैं कि इश्यू कुल 18.55 गुना भरा — 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 366.38 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आईं। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है।
संस्थागत निवेशकों ने सबसे ज्यादा जोश दिखाया। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 56.15 गुना भरा, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) ने 13.87 गुना बोलियां लगाईं। रिटेल निवेशकों का हिस्सा 2.65 गुना और शेयरहोल्डर कोटा 7.50 गुना भरा। कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से में 2.87 गुना सब्सक्रिप्शन आया।
₹6.5 लाख करोड़ की कुल मांग
एंकर निवेशकों समेत Jio IPO में कुल करीब ₹6.5 लाख करोड़ की मांग आई। कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों को ₹8,109.85 करोड़ के शेयर ऊपरी प्राइस बैंड पर आवंटित किए थे। ग्रे मार्केट में भी उत्साह बना रहा — आखिरी दिन GMP करीब 21% के आसपास रहा, यानी ₹1,119 के ऊपरी भाव से ₹240-245 ऊपर।
ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि टेलीकॉम सेक्टर में Jio की मजबूत स्थिति, बढ़ती मुनाफाखोरी और ब्रॉडबैंड व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में ग्रोथ की संभावनाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। मूडीज के मुताबिक Jio का कारोबार वित्त वर्ष 2026 में रिलायंस के कुल EBITDA का 37% था।
पैसा कहां जाएगा, आगे की तारीखें
IPO से जुटाई गई रकम में से ₹27,500 करोड़ तक का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज चुकाने में होगा। बाकी रकम ग्रोथ और वर्किंग कैपिटल के काम आएगी। प्राइस बैंड ₹1,065-1,119 प्रति शेयर था और एक लॉट में 12 शेयर थे।
शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को होने की उम्मीद है, जबकि 28 अक्टूबर को NSE और BSE पर लिस्टिंग होगी। दोपहर 3:14 बजे तक इश्यू 12.25 गुना भरा था, लेकिन बंद होने तक QIB की आखिरी घंटों की बोलियों ने इसे 18.55 गुना तक पहुंचा दिया।
