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Gen Z Protest: जर्मनी-स्विट्जरलैंड में हिंसा, दुकानें लूटीं

Dainik R Times
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यूरोप में Gen Z protest शनिवार को हिंसक हो गया। जर्मनी और स्विट्जरलैंड में युवा प्रदर्शनकारियों ने दुकानें लूटीं और बैरिकेड जलाए। फ्रांस में भी तीसरे सप्ताह प्रदर्शन जारी रहे। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में हालात सबसे खराब रहे।

Gen Z protest: फ्रैंकफर्ट में दुकानें लूटीं

जर्मनी में 34 शहरों में हजारों युवा सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन ‘Gen Z regelt’ अभियान के तहत हुए। इसका मतलब है ‘जेन-जी संभालेगी’। दिन में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। हालांकि शाम होते ही फ्रैंकफर्ट में हिंसा भड़क उठी।

फ्रैंकफर्ट में नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने कम से कम दो दुकानें लूटीं। कई दुकानों के शीशे तोड़े गए। एक बंदूक की दुकान भी निशाना बनी। पुलिस ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर दो हथियार बरामद किए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर, पटाखे और पेट्रोल बम फेंके। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन और मिर्च स्प्रे से जवाब दिया। कई पुलिसकर्मी घायल हुए।

हैस्से राज्य के गृह मंत्री रोमन पोसेक ने कहा कि करीब 100 वामपंथी चरमपंथी प्रदर्शन में घुस आए थे। हैम्बर्ग में बैरिकेड जलाए गए। कोलोन में भी वाटर कैनन का इस्तेमाल हुआ। बर्लिन में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अंडे और बोतलें फेंकीं। बॉन में एक पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हुआ।

ज्यूरिख में भी आगजनी, पेरिस में तीसरा सप्ताह

स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में भी हिंसा हुई। लैंगस्ट्रासे इलाके में सैकड़ों लोग पुलिस से भिड़ गए। भीड़ ने बैरिकेड और वाहनों में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने आतिशबाजी भी की। पुलिस ने कहा कि कई प्रदर्शनकारी मास्क पहने हुए थे।

फ्रांस में युवा प्रदर्शन तीसरे सप्ताह भी जारी रहे। पेरिस में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर मोलोटोव कॉकटेल फेंके। एक पुलिसकर्मी के उपकरण में आग लग गई। गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने इसे हत्या का प्रयास बताया। फ्रांस में पिछले सप्ताह 3.2 लाख लोग सड़कों पर उतरे थे।

महंगाई और शिक्षा के मुद्दे पर युवा नाराज

युवा प्रदर्शनकारी महंगाई, शिक्षा के लिए कम बजट और सार्वजनिक सेवाओं की खराब हालत से नाराज हैं। जर्मनी में वे अनिवार्य सैन्य सेवा का भी विरोध कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार करीब 1.2 लाख लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। पुलिस के आंकड़े इससे कम रहे।

जर्मनी में इससे पहले भी जेन-जी प्रदर्शन हुए थे, जो शांतिपूर्ण रहे थे। यूरोप में इस साल युवा प्रदर्शन की लहर चल रही है। सर्बिया में छात्र आंदोलन ने चुनाव में लंबे समय से सत्ता में रही पार्टी को हरा दिया था। विशेषज्ञों का कहना है कि युवा अब अपनी आवाज सड़कों पर उठा रहे हैं।

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