Germany Gen Z Protest शनिवार को जर्मनी के 34 शहरों में हुआ। आयोजकों को करीब 1,82,000 लोगों के जुटने की उम्मीद थी। लेकिन पुलिस के आंकड़ों के अनुसार भीड़ उम्मीद से काफी कम रही। बर्लिन, फ्रैंकफर्ट और म्यूनिख में कुल करीब 6,000 लोग ही प्रदर्शन में शामिल हुए।
Germany Gen Z Protest: बड़े शहरों में कितनी भीड़ जुटी
बर्लिन में पुलिस ने करीब 2,700 प्रदर्शनकारियों की गिनती की। म्यूनिख में यह संख्या करीब 1,800 रही। फ्रैंकफर्ट में करीब 1,000 लोग ही सड़कों पर उतरे। कोलोन में भी भीड़ पंजीकृत संख्या से काफी कम रही। आयोजकों की वेबसाइट पर इन शहरों के लिए 50,000 से ज्यादा लोगों ने नाम दर्ज कराए थे। हालांकि असली भीड़ इससे बहुत कम निकली।
प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे। पुलिस के अनुसार किसी भी शहर में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। दुकानदारों ने पहले से ही अपनी दुकानों के शीशों पर तख्ते लगा दिए थे। पुलिस ने चरमपंथी समूहों के आंदोलन का फायदा उठाने की चेतावनी दी थी। लेकिन दिन भर हालात नियंत्रण में रहे।
शिक्षा और महंगाई पर युवाओं की मांगें
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें शिक्षा में ज्यादा निवेश और महंगाई से राहत हैं। युवा अनिवार्य सैन्य सेवा की वापसी का भी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि नेता उनकी चिंताओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने सड़कों पर उतरने का फैसला किया।
यह आंदोलन “Gen Z regelt” अभियान के तहत आयोजित हुआ। इसका मतलब है कि युवा खुद व्यवस्था संभालेंगे। देश के छात्र संगठन BSK ने खुद को इस अभियान से अलग रखा है। वह 20 नवंबर को अलग से प्रदर्शन करेगा। यूरोप में युवाओं की लहर पहले फ्रांस और इटली में भी दिख चुकी है।
ओलेश्की से लौटे लोग भी यूरोप की सुर्खियों में हैं। उधर कनाडा-यूरोपीय संघ गठबंधन पर भी चर्चा चल रही है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार जर्मनी में यह प्रदर्शन हैलोवीन के दिन हुआ। इसके बाद अब सबकी नजर सरकार के रुख पर रहेगी।
