Oleshky Evacuees Return की खबर ने शनिवार को सबको राहत दी। रूसी कब्जे वाले ओलेश्की से निकले लोग दोपहर को यूक्रेन पहुंच गए। उनकी यात्रा करीब 19 घंटे लंबी रही। सैकड़ों लोग पहुंचे, हालांकि सुरक्षा कारणों से सटीक संख्या नहीं बताई गई।
Oleshky Evacuees Return: लंबा सफर, सुरक्षित वापसी
यह काफिला ओलेश्की से क्रीमिया और अनापा होते हुए बेलारूस के गोमेल पहुंचा था। वहां से बसें लोगों को चेर्निहीव क्षेत्र के नोवाया गुता सीमा चौकी तक लाईं। सीमा पर रिश्तेदार, डॉक्टर और एंबुलेंस पहले से इंतजार कर रहे थे। चार विमान गोमेल में उतरे थे, जिनसे लोग बेलारूस पहुंचे थे।
ओलेश्की निकासी का पिछला चरण बेलारूस पहुंचने तक सीमित था। मानवीय विराम की शुरुआत 27 अक्टूबर को हुई थी। इससे पहले की खबरों में सिर्फ बेलारूस पहुंचने की पुष्टि हुई थी। आज की खबर इस मिशन का अगला चरण है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर मिशन के सफल होने की पुष्टि की। उन्होंने अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप को धन्यवाद दिया। मेलानिया ट्रंप ने कहा था कि काफिला 750 से ज्यादा लोगों को निकाल सकता है। युद्धविराम मंगलवार 27 अक्टूबर को सुबह 3 बजे शुरू हुआ था। यह विराम रविवार 1 नवंबर को रात 22:59 बजे तक चलेगा।
87 घंटे बिना उल्लंघन, शहर में बचे 2,000 लोग
87 घंटों में युद्धविराम का कोई उल्लंघन दर्ज नहीं हुआ। यह फरवरी 2022 के बाद किसी इलाके में सबसे लंबा विराम है। युद्ध से पहले ओलेश्की की आबादी करीब 24,000 थी। अब वहां करीब 2,000 लोग ही बचे हैं। यूक्रेन के मानवाधिकार आयुक्त द्मित्रो लुबिनेत्स ने काफिले की अगुवाई की।
इसलिए इस मिशन को कूटनीति की बड़ी सफलता माना जा रहा है। CNN की रिपोर्ट के अनुसार निकाले गए लोगों को अब सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। क्योंकि कई परिवार महीनों बाद एक दूसरे से मिले हैं। इसके बाद अब आगे की निकासी योजनाओं पर नजर रहेगी।
