आज नई दिल्ली में GST Council की 57वीं बैठक होने जा रही है। इस अहम बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी। बैठक में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के साथ कई राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री भी शामिल होंगे।
दरअसल, यह बैठक दो बार टल चुकी है। पहले यह 12 सितंबर को होनी थी, लेकिन BRICS शिखर सम्मेलन के कारण इसे 7 अक्टूबर के लिए टाल दिया गया। इसके बाद “अपरिहार्य कारणों” का हवाला देते हुए सचिवालय ने इसे फिर एक दिन आगे बढ़ाकर आज 8 अक्टूबर को कर दिया।
GST Council Meeting के एजेंडे में क्या है
सूत्रों के मुताबिक, आज की बैठक का फोकस टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाने और विवादों को कम करने पर है। एजेंडे में सबसे अहम प्रस्ताव GST अधिकारियों की गिरफ्तारी शक्तियों की समीक्षा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, परिषद इस बात पर विचार कर सकती है कि गिरफ्तारी से पहले न्यायिक अनुमति अनिवार्य की जाए या अधिकारियों की सीधी गिरफ्तारी शक्ति को सीमित किया जाए। हालांकि, गंभीर धोखाधड़ी और फर्जी बिलिंग जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई का ढांचा बना रहेगा।
इसके अलावा input tax credit (ITC) व्यवस्था में सुधार, registration, returns और refunds की प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी चर्चा होगी। e-commerce suppliers के लिए compliance आसान करने और inverted-duty refunds की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल है। Section 17(5) के तहत blocked credits के नियमों पर भी विशेषज्ञों की नजर है।
उद्योग जगत को क्या उम्मीदें हैं
टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि routine ITC और classification से जुड़े विवादों को criminal framework से बाहर रखा जाना चाहिए। इससे bona fide tax disputes वाले कारोबारियों को राहत मिलेगी और जांच के दौरान स्पष्टता बढ़ेगी। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि जानबूझकर की गई धोखाधड़ी पर सख्ती बनी रहनी चाहिए।
गौरतलब है कि पिछली 56वीं बैठक में सरकार ने 4-slab की जगह 2-slab (18% और 5%) की व्यवस्था लागू की थी। तब से सरकार यह भी निगरानी कर रही है कि rate-cut का फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है या नहीं।
बैठक के बाद वित्त मंत्री प्रेस ब्रीफिंग में लिए गए फैसलों की घोषणा करेंगी। आज के फैसले compliance की लागत और समय दोनों घटाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
