Follow Dainik Rajeev Times

Trump Bosnia Row: LaCivita-Blair को बर्खास्तगी की चेतावनी

Dainik R Times
3 Min Read

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अपने दो शीर्ष राजनीतिक सलाहकारों — क्रिस लासिविटा और जेम्स ब्लेयर — को बर्खास्त करने की धमकी दी है। यह विवाद न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट के बाद खड़ा हुआ है, जिसमें दावा किया गया है कि दोनों सलाहकार बोस्निया की रूस समर्थक राजनीतिक पार्टी के लिए काम करके भारी रकम कमा रहे थे।

NYT की मंगलवार को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, लासिविटा और ब्लेयर ने बोस्निया और हर्जेगोविना के रिपुब्लिका स्रप्सका क्षेत्र में कई दिन बिताए। वहां रविवार (11 अक्टूबर) को होने वाले चुनाव से पहले वे मिलोराड डोडिक के नेतृत्व वाले अलायंस ऑफ इंडिपेंडेंट सोशल डेमोक्रेट्स को सलाह दे रहे थे। इस पार्टी को रूस समर्थक माना जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों ने इस काम के लिए “प्रत्येक ने लाखों डॉलर” कमाए।

ट्रंप का Truth Social पर बयान

ट्रंप ने Truth Social पर लिखा कि लासिविटा और ब्लेयर “बाहरी सलाहकार” हैं और उनके अलावा भी कई मुवक्किल हो सकते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि वे और किसके लिए काम करते हैं, लेकिन मैं उनसे पूछूंगा और अगर कोई हितों का टकराव हुआ तो उन्हें तुरंत बर्खास्त कर दूंगा।”

गौरतलब है कि ट्रंप ने इन दोनों को 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के लिए प्रचार अभियान की कमान सौंपी थी। ब्लेयर मई 2026 तक ट्रंप के व्हाइट हाउस में डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ थे और अब MAGA Inc. में रिपब्लिकन मिडटर्म प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं। लासिविटा ने 2024 का चुनावी अभियान स्यूसी वाइल्स के साथ संभाला था, जो अब व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ हैं।

ओवल ऑफिस में नरम रुख

हालांकि बाद में दिन में ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप का रुख नरम दिखा। उन्होंने कहा, “They don’t have a conflict” — यानी दोनों सलाहकारों का कोई हितों का टकराव नहीं है। ट्रंप ने यह भी कहा कि दोनों व्हाइट हाउस में काम नहीं करते और वॉशिंगटन में सलाहकारों के कई मुवक्किल होना आम बात है।

बोस्निया पर अमेरिका-रूस की खींचतान

बोस्निया में प्रभाव को लेकर अमेरिका, रूस और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही है। NYT की रिपोर्ट में इस नियुक्ति को ट्रंप के सलाहकारों द्वारा विदेशी धुर-दक्षिणपंथी नेताओं से लाभ कमाने का ताजा उदाहरण बताया गया है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब रिपब्लिकन पार्टी मिडटर्म चुनाव में कड़ी चुनौती का सामना कर रही है।

Share This Article