ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण Gwalior truck accident के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। गंभीर रूप से घायलों को 2-2 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। सभी घायलों का मुफ्त इलाज कराया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता घोषित की है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर मृतकों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
मंत्री ग्वालियर रवाना, जांच तेज
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों ऐदल सिंह कंसाना और राकेश शुक्ला को ग्वालियर भेजा है। मंत्री राकेश शुक्ला ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सरकार घायलों को बेहतर इलाज देने की व्यवस्था कर रही है।
उन्होंने बताया कि विस्तृत जांच चल रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। जांच का फोकस इस बात पर है कि प्रतिबंधित खड़ी ढलान वाले हिस्से में भारी वाहन आखिर पहुंचा कैसे, जबकि वहां बैरिकेड और पुलिस चेकपॉइंट मौजूद था। पंजाब नंबर का ट्रक था और हादसे के बाद ड्राइवर फरार है — पुलिस उसकी तलाश में है। आरटीओ की टीम ट्रक में तकनीकी खराबी या ब्रेक फेल होने की संभावना भी खंगाल रही है।
परिजनों का आरोप: पुलिस देर से पहुंची
हालांकि हादसे के बाद पीड़ित परिवारों में गुस्सा है। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही और राहत कार्य में देरी का आरोप लगाया है। एक महिला का कहना है कि पुलिस हादसे के कई घंटों बाद मौके पर पहुंची। दूसरे परिजनों ने सवाल उठाया कि हादसे के इतने समय बाद पीड़ितों को अस्पताल क्यों ले जाया गया।
शीतला माता मंदिर के पास रविवार तड़के करीब 1:30 बजे धान से लदा ट्रक बैरिकेड तोड़ते हुए श्रद्धालुओं पर चढ़ गया था। कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुसार हादसे में 14 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 2 महिलाएं और 2 नाबालिग शामिल हैं। 39 लोगों को अस्पताल ले जाया गया था, जिनमें 3-4 की हालत गंभीर बताई गई है। प्रभावित परिवार ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर के बताए गए हैं, और 11 मृतकों की पहचान हो चुकी है।
