यूक्रेन ने St Petersburg पर रात के समय बड़ा drone attack किया है। रूसी अधिकारियों के अनुसार हमले में सेंट पीटर्सबर्ग के ऑयल टर्मिनल में आग लग गई, जबकि शहर के पुलकोवो एयरपोर्ट पर उड़ानें रोक दी गईं। यह हमला शनिवार देर रात करीब 2:50 बजे शुरू हुआ और रूस के दूसरे सबसे बड़े शहर को दहला गया।
लेनिनग्राद क्षेत्र के गवर्नर अलेक्जेंडर ड्रोज़्डेंको ने दावा किया कि रूस की वायु रक्षा प्रणाली ने 126 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कुल कितने ड्रोन दागे गए थे। सेंट पीटर्सबर्ग के गवर्नर अलेक्जेंडर बेग्लोव ने कहा कि हमले में किसी की मौत नहीं हुई है।
St Petersburg drone attack: तेल टर्मिनल और एयरपोर्ट पर असर
हमले का सबसे बड़ा निशाना शहर के बंदरगाह स्थित सेंट पीटर्सबर्ग ऑयल टर्मिनल बना। यह रूस के सबसे बड़े ईंधन भंडारण और निर्यात केंद्रों में से एक है, जिसकी वार्षिक क्षमता करीब 1.25 करोड़ टन है। आपातकालीन सेवाएं टर्मिनल और शहर के चार जिलों में लगी आग बुझाने में जुटी रहीं।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने सुरक्षा कारणों से पुलकोवो एयरपोर्ट पर सभी उड़ानों का आगमन और प्रस्थान निलंबित कर दिया। ड्रोन के मलबे से घरों, गाड़ियों और बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा, जिससे कुछ इलाकों में बिजली की कटौती हुई। रूसी टेक कंपनी वीके (VK) ने भी माना कि उसके डेटा सेंटर को निशाना बनाया गया, हालांकि उसने कहा कि सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं।
जेलेंस्की ने रिफाइनरियों पर हमले की दी थी चेतावनी
यूक्रेनी मॉनिटरिंग चैनलों के अनुसार हमला स्थानीय समयानुसार रात 2:50 बजे शुरू हुआ। सोशल मीडिया पर साझा वीडियो में रात के आसमान में ड्रोन और रूस की वायु रक्षा प्रणाली की चमकती लपटें देखी गईं। यूक्रेनी ड्रोन निर्माता फायर पॉइंट ने दावा किया कि उसके FP-1 ड्रोन से ऑयल टर्मिनल को निशाना बनाया गया।
इस हफ्ते यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा था कि कीव रूसी रिफाइनरियों पर हमले फिर से तेज करेगा। यूक्रेन युद्ध के दौरान लगातार रूसी तेल ठिकानों को निशाना बनाता रहा है, ताकि सैन्य अभियान को ईंधन और राजस्व देने वाली आपूर्ति बाधित हो। स्वतंत्र मीडिया का कहना है कि नुकसान के दायरे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
