ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के बाहर रविवार तड़के हुए भीषण Gwalior truck accident में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ट्रक के ड्राइवर दिलबाग सिंह और वाहन मालिक मोहित सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हादसे में 14 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। 28 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में mechanical failure का शक है। आशंका है कि इसी वजह से ड्राइवर का वाहन पर से नियंत्रण छूट गया। धान से लदा ट्रक चिनोर की तरफ से आ रहा था। वह ढलान पर बैरिकेड तोड़ता हुआ श्रद्धालुओं को रौंदता चला गया। इसके बाद वह मंदिर के प्रवेश द्वार से टकराया। टक्कर से दीवार का एक हिस्सा ढह गया। कई लोग मलबे में दब गए।
ग्वालियर के एसपी धरमवीर यादव ने बताया कि सप्तमी पर मंदिर में भारी भीड़ जुटी थी। इसलिए भारी वाहनों की एंट्री पर रोक थी। इसके बावजूद ट्रक नो-एंट्री जोन में कैसे पहुंचा, इसकी जांच हो रही है। हादसे में 5-6 प्रसाद की दुकानें भी क्षतिग्रस्त हुईं। करीब 41 लोग चपेट में आए।
Gwalior Truck Accident: उप मुख्यमंत्री ने घायलों से मुलाकात की
रविवार को उप मुख्यमंत्री राकेश शुक्ला trauma centre पहुंचे। उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद हालात पर नजर रखे हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री पहले ही मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान कर चुके हैं। गंभीर घायलों का इलाज सरकार कराएगी।
पुलिस अब यह भी जांच रही है कि ट्रक भीड़भाड़ वाले संकरे रास्ते तक कैसे पहुंचा। क्या यातायात प्रतिबंधों या सुरक्षा इंतजामों में कोई कमी थी? मृतकों के परिजनों ने इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
