नई दिल्ली। INDIA Bloc March आज राजधानी की सड़कों पर उतरेगा। विपक्षी गठबंधन के करीब 150 सांसद सुबह संसद भवन के मकर द्वार पर एकत्रित होंगे और वहां से चुनाव आयोग (ECI) के मुख्यालय तक पैदल मार्च करेंगे। जयराम रमेश के मुताबिक सांसद सुबह 10:30 बजे जुटेंगे और 11:00 बजे मार्च शुरू होगा। इस मार्च की अगुवाई राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी और मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे।
मार्च की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की है। विपक्ष का आरोप है कि ‘वोट चोरी’ और SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) में गड़बड़ियों के चलते मौजूदा नेतृत्व में निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है। RJD के मनोज झा ने कहा कि “ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में कोई चुनाव निष्पक्ष नहीं हो सकता”। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि संशोधित फॉर्म-6 को कोर्ट ने कभी मंजूरी नहीं दी।
इसी के साथ विपक्ष ने “वोट बचाओ, देश बचाओ” अभियान का ऐलान किया है। इसके तहत 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर पदयात्राएं होंगी, 10 से 20 अक्टूबर तक ब्लॉक स्तरीय बैठकें होंगी और 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक राज्य स्तरीय रैलियां आयोजित की जाएंगी। हालांकि AAP, DMK और BJD इस मार्च में शामिल नहीं हो रहे हैं। AAP नेता संजय सिंह ने कहा कि “हम यह लड़ाई अपने तरीके से लड़ रहे हैं”।
INDIA Bloc March की वजह: SC सुनवाई और सुरक्षा
इस मार्च की पृष्ठभूमि में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई है। कोर्ट ने CEC के अंतरिम निलंबन की मांग तो खारिज कर दी, लेकिन केंद्र, चुनाव आयोग और CEC को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने कहा था कि “खबर पूरी तरह या आंशिक रूप से सही हो सकती है… हम उनका जवाब जानना चाहेंगे” और यह भी कि “अगर EC का कोई फैसला कानून के अनुरूप नहीं पाया गया तो हम उसे रद्द कर देंगे”। CJI सूर्य कांत ने स्पष्ट किया था कि “संशोधित फॉर्म-6 को हमने कभी मंजूरी नहीं दी”।
मार्च को देखते हुए निर्वाचन सदन और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का पूरा ब्योरा हमने पहले प्रकाशित किया था। टाइम्स नाउ के मुताबिक मार्च के दौरान यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रह सकती है।
