IndiGo संकट: DGCA ने वापस लिया क्रू रोस्टर आदेश, एयरलाइंस को मिली बड़ी राहत

DR Times
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IndiGo एयरलाइंस की उड़ानों में देरी और रद्द होने की वजह से पिछले कुछ दिनों में देशभर के हवाई अड्डों पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई सहित कई एयरपोर्ट पर लंबी कतारें लगीं और लोग घंटों से उड़ानों का इंतजार करते रहे।

इस पूरे संकट की मुख्य वजह DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) द्वारा क्रू के लिए जारी किए गए नए रोस्टर नियम थे। डीजीसीए ने आदेश दिया था कि फ्लाइट क्रू और पायलट को सप्ताह में पर्याप्त आराम मिले और नाइट शिफ्ट की संख्या घटाई जाए। रोस्टर में बदलाव के चलते कई क्रू मेंबर्स समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, जिससे इंडिगो की 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो गईं और यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं।


📝 DGCA के नए क्रू रोस्टर आदेश

DGCA ने एयरलाइंस को 3 बड़े नियम जारी किए थे:

  1. क्रू मेंबर्स को सप्ताह में पर्याप्त आराम का समय मिलना चाहिए।

  2. पायलट और क्रू की नाइट शिफ्ट को पहले 6 दिन से घटाकर 2 दिन किया गया।

  3. ड्यूटी घंटे कम कर दिए गए और उड़ानों के समय पर सीमाएं तय की गईं।

DGCA के अनुसार, क्रू मेंबर्स प्रत्येक दिन 8 घंटे, सप्ताह में 35 घंटे, महीने में 125 घंटे और सालाना 1,000 घंटे ही उड़ान भर सकते थे। इस आदेश का सख्ती से पालन करना जरूरी था।


🛫 यात्रियों की बढ़ी मुश्किल

IndiGo एयरलाइंस पर इस आदेश का सबसे अधिक असर पड़ा। पिछले चार दिनों में 1000 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं, और कई उड़ानों में देरी हुई। इससे यात्रियों की यात्रा योजनाएं बाधित हुईं और एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा किए, जिसमें लंबी कतारें और फ्लाइट विलंब की तस्वीरें वायरल हुईं।


DGCA ने आदेश वापस लिया

यात्रियों की बढ़ती कठिनाइयों और एयरलाइंस की परेशानियों को देखते हुए DGCA ने अब अपने आदेश को वापस ले लिया है। DGCA के इस कदम के बाद इंडिगो और अन्य एयरलाइंस को राहत मिली है और हवाई सेवाओं के जल्द ही सामान्य होने की संभावना बन गई है।

DGCA के फैसले से अब पायलट और क्रू के लिए पहले जैसा रोस्टर लागू होगा, और उड़ानों में देरी या रद्द होने की घटनाएं कम होने की उम्मीद है। एयरलाइंस अब यात्रियों की सुविधा के अनुसार उड़ानों को सामान्य समय पर संचालित कर सकेगी।


🔎 विशेषज्ञों की राय

एयरलाइंस विशेषज्ञों का कहना है कि क्रू के लिए आराम सुनिश्चित करना जरूरी है, लेकिन सप्ताह में शिफ्टों को अत्यधिक कम करना और घंटे सीमित करना एयरलाइंस के परिचालन में बाधा बन सकता है। DGCA का आदेश वापस लेने से न केवल एयरलाइंस को राहत मिली है, बल्कि यात्रियों को भी हवाई यात्रा में सहूलियत मिलेगी।

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