इंडिगो एयरलाइन संकट अपने पांचवें दिन भी जारी है और यात्रियों के लिए स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। शनिवार को भी इंडिगो की 400 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जिससे दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर हवाई यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस गंभीर परिचालन संकट के बीच सरकार ने शनिवार को यात्रियों के हित में दो बड़े फैसले लिए, जो इंडिगो रिफंड और एयरलाइन किराए की कैपिंग से संबंधित हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इंडिगो एयरलाइन को आदेश दिया कि वे 7 दिसंबर की शाम 8 बजे तक रद्द या बाधित उड़ानों के सभी लंबित यात्री रिफंड का भुगतान करें। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अगर एयरलाइन इस आदेश का पालन नहीं करती है या भुगतान में देरी होती है, तो उसके खिलाफ तुरंत नियामक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रभावित यात्रियों से कोई रीशेड्यूलिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा।
इंडिगो के परिचालन संकट का मुख्य कारण पायलटों की भारी कमी है। नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FTL) नियमों के लागू होने के बाद एयरलाइन को पर्याप्त पायलट नहीं मिल सके, जिससे उड़ानों में कटौती और रद्द होने की घटनाएं बढ़ गईं। केंद्र सरकार ने इस स्थिति को सुधारने के लिए पायलटों के लिए हाल ही में लागू किए गए साप्ताहिक आराम नियम को वापस ले लिया, ताकि परिचालन सामान्य किया जा सके।
Ministry of Civil Aviation has directed IndiGo to clear all pending passenger refunds without delay and complete the process for all cancelled or disrupted flights by 8 PM on 7 December 2025. Airlines have been instructed not to levy rescheduling charges for affected passengers…
— MoCA_GoI (@MoCA_GoI) December 6, 2025
उड़ानों के रद्द होने और सीमित सीटों की उपलब्धता के कारण एयरपोर्ट पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा और घरेलू हवाई यात्रा प्रभावित हुई। इस दौरान कुछ एयरलाइनों ने अपने किराए बढ़ा दिए, जिससे यात्रियों की समस्या और बढ़ गई। इसी को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइनों के लिए किराए की सीमा तय कर दी।
मंत्रालय के अनुसार, कुछ एयरलाइनों द्वारा चल रहे व्यवधान के दौरान असामान्य रूप से उच्च हवाई किराए के कारण तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता थी। अब सभी एयरलाइनों के लिए निर्धारित किराया सीमाओं का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि कोई एयरलाइन इन नियमों का उल्लंघन करती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह किराया सीमा तब तक लागू रहेगी जब तक हवाई परिचालन पूरी तरह से स्थिर नहीं हो जाता।
इंडिगो संकट ने देशभर में हवाई यात्रा पर भारी असर डाला है और यात्रियों की शिकायतों के बाद सरकार ने सक्रिय हस्तक्षेप किया। रिफंड और किराए की कैपिंग के आदेशों से यात्रियों को राहत मिलेगी और एयरलाइनों के लिए यह स्पष्ट संदेश भी गया कि नियामक नियमों का पालन अनिवार्य है। इस कदम से संकट का प्रभाव कम करने और यात्रियों के हित में तुरंत कार्रवाई करने का प्रयास किया गया है।

